इंडियन प्रीमियर लीग 2024 में दिल्ली कैपिटल्स, गुजरात जायंट्स और मंबई इंडियंस भी अभी तक अपनी लय हासिल नहीं कर पाए हैं तो बेंगलुरु की टीम को प्लेऑफ से बाहर होने के कागार पर खड़ी है।
इंडियन प्रीमियर लीग 2024 के शुरू होने से पहले वूमेंस प्रीमियर लीग का खिताब जीतकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की वूमेंस टीम ने मेंस टीम के सामने बड़ी चुनौती रख दी। जो मेंस टीम 16 साल के आईपीएल इतिहास में खिताब नहीं जीत पाई, वह वूमेंस टीम ने सिर्फ दूसरी बार में कर दिखाया और फाइनल में मुंबई इंडियंस को हराकर वूमेंस प्रीमियर लीग का खिताब जीता। आईपीएल शुरू हुआ तो उम्मीद थी कि इस बार बेंगलुरु की मेंस टीम भी ऐसा कुछ करेगी। हालांकि हालिया स्थिति देखकर तो ऐसा लग रहा है कि टीम अगर प्लेऑफ में जगह बना ले वही बहुत है।
बेंगलुरु की टीम 7 में स 6 मैच हार चुकी है और अंत तालिका में आखिरी पायदान पर है। टीम को सिर्फ एक जीत मिली है। बचे हुए 7 मुकाबलों में से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को प्लेऑफ में पहुंचने या उम्मीद को जिंदा रखने के लिए सभी 7 जीतने होंगे। बेंगलुरु की हालिया स्थिति को देखते हुए यह नामुमकिन सा लग रहा है। टीम की बल्लेबाजी चल नहीं रही, गेंदबाजों की जमकर कुटाई हो रही है। टीम में एस ऐसा गेंदबाज नजर नहीं आ रहा, जिससे उम्मीद की जा सके की वह एक ओवर अच्छा निकाल ले। ऐसे में बेंगलुरु का आईपीएल 2024 के प्लेऑफ्स से बाहर होना तय है।
बेंगलुरु को दिल्ली कैपिटल्स, गुजरात टाइटंस से दो, पंजाब किंग्स चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद से खेलना है। इसमें चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता को हराना बेंगलुरु के लिए आसान नहीं होगा। हालांकि आईपीएल 2024 में तीन टीमें और हैं, जो प्लेऑफ से बाहर होने के कागार पर खड़ी हैं। इसमें मुंबई इंडियंस, गुजरात टाइटंस और दिल्ली कैपिटल्स की टीम शामिल हैं।
दिल्ली ने 7 में से 3 मैच जीते हैं और 4 गंवाए हैं। मुंबई ने 6 में से 2 मैच ही जीते हैं तो टाइटंस ने 7 में से 3 मैच जीत हैं। इन सभी टीमों के पास कम से कम 7-8 मैच हैं। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए इन्हें कम से कम 5-6 मैच जीतने होंगे। हालांकि ये टीमें अपनी प्रदर्शन में सुधार करती हैं और जीत की लय बरकरार रखती हैं तो इनके प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीद जिंदा हो जाएंगी।