आईपीएल ने शाम के मैच में दूसरी पारी के 10वें ओवर के बाद गेंद को बदले जाने की अनुमति देने का फैसला किया है ताकि गेंदबाजी टीम ओस के प्रभाव से निपट सके। गेंद के अतिरिक्त बदलाव के लिए किए जाने वाले अनुरोध पर ऑनफील्ड अंपायर कोई भी फैसला अपने विवेक के आधार पर लेंगे।
Indian Premier league 2025: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में शाम के मैच में ओस के प्रभाव से निटपने के लिए दूसरी पारी के 11वें ओवर के बाद गेंद को बदलने की अनुमति होगी। शनिवार से शुरु हो रहे आईपीएल से पहले यह फैसला गुरुवार को सभी 10 फ्रैंचाइजी के कप्तानों के साथ हुई बैठक में लिया गया। गेंद के अतिरिक्त बदलाव के लिए किए जाने वाले अनुरोध पर मैदानी अंपायर कोई भी फैसला अपने विवेक के आधार पर लेंगे।
यह प्रावधान केवल शाम के मैचों के लिए किया गया है, दोपहर के मैचों के लिए नहीं। यदि गेंदबाजी टीम दूसरी पारी में 11वें ओवर के बाद गेंद नहीं बदलना चाहेगी तब ऐसी स्थिति में नई गेंद का उपयोग नहीं किया जाएगा। अब से पहले तक गेंद को बदले जाने का फैसला लेने का अधिकार अंपायरों के पास ही हुआ करता था। अंपायर इस संबंध में निर्णय ऐसी स्थिति में लिया करते थे जब उन्हें लगता था कि गेंद ओस की वजह से बेहद गीली हो गई है।
11वें ओवर के बाद बदली जाने वाली गेंद में उतनी ही घिसावट होगी जितनी पुरानी गेंद में होगी। अहम बात यह है कि यह गेंद अंपायर चुनेंगे और गेंदबाजी टीम इस संबंध में आपत्ति दर्ज नहीं करा पाएगी। गेंदबाजी टीम के लिए इसमें संभावित नुकसान यह हो सकता है कि अगर बदली गई गेंद पुरानी गेंद की तुलना में अधिक सख्त हुई तो रन बनाना आसान हो जाएगा।