
नई दिल्ली। रणजी विजेता विदर्भ के बल्लेबाजों द्वारा 800 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद उसके गेंदबाज रजनीश गुरबानी ने ईरानी ट्रॉफी के चौथे दिन शनिवार को शेष भारत की परेशानियों में और इजाफा कर दिया। विदर्भ ने अपनी पहली पारी सात विकेट के नुकसान पर 800 रनों पर घोषित कर दी और दिन का खेल खत्म होने तक उसने शेष भारत के छह विकेट 236 रनों पर ही गिरा दिए।
गुरबानी ने चटकाए 4 विकेट
गुरबानी ने चार विकेट अपने नाम किए हैं तो वहीं उमेश यादव और आदित्य ठाकरे को एक विकेट मिला। शेष भारत की स्थिति और भी बुरी हो सकती थी, लेकिन हुनमंत विहारी और जयंत यादव ने सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी कर उसे किसी तरह संभाले रखा है। दिन का खेल खत्म होने तक विहारी 81 रन बनाकर तो वहीं जयंत 62 रन बनाकर खेल रहे हैं।
शेष भारत पर भरी गुरबानी
विहारी ने अभी तक 171 गेंदों का सामना किया है और 10 चौके लगाए हैं। वहीं जयंत ने 147 गेंदों की पारी में नौ चौके जड़े हैं। विदर्भ के विशाल स्कोर के सामने अपनी पहली पारी खेलने उतरी शेष भारत को चार के कुल स्कोर पर ही पहला झटका लगा। रविकुमार समर्थ को गुरबानी ने खाता भी नहीं खोलने दिया। रणजी के इस सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज मंयक अग्रवाल को उमेश ने आउट कर शेष भारत को दूसरी सफलता दिलाई।
पृथ्वी शॉ का अर्धशतक
इसके बाद कप्तान करुण नायर (21) और पृथ्वी शॉ (51) ने टीम को 77 के स्कोर तक पहुंचा दिया। 64 गेंदों में सात चौके और एक सिक्स मारने वाले पृथ्वी को ठाकरे ने अपना शिकार बनाया। 98 तक आते-आते शेष भारत ने अपने कुल छह विकेट खो दिए थे। इसके बाद दिन का खेल खत्म होने तक विहारी और जयंत ने टीम को कोई और झटका नहीं लगने दिया।
अपूर्व वानखेड़े का शतक
इससे पहले, अपने तीसरे दिन के स्कोर पांच विकेट के नुकसान पर 702 रनों से आगे खेलने उतरी विदर्भ ने चौथे दिन अपने खाते में 98 रन जोड़े। तीसरे दिन अपने शतक से एक रन दूर रहते हुए पवेलियन लौटने वाले अपूर्व वानखेड़े ने अपना शतक पूरा किया। वह 157 रनों पर नाबाद लौटे। इसके लिए उन्होंने 221 गेंदें लीं और 16 चौके और छह छक्के लगाए।