Ranji Trophy: जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में बंगाल को उसी के घर में रौंदकर इतिहास रच दिया है। यह पहली बार है, जब जम्मू-कश्मीर ने रणजी के फाइनल में जगह बनाई है। इस जीत के हीरो आकिब नबी डार रहे, जिन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से अहम योगदान दिया।
Ranji Trophy: रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में बंगाल जैसी मजबूत टीम को 6 विकेट से हराकर जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रचते हुए पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली है। बंगाल क्रिकेट अकादमी ग्राउंड कल्याणी में खेले गए इस मैच मोहम्मद शमी ने अकेले ही 9 विकेट चटकाए, लेकिन बंगाल की टीम 125 रन का बचाव नहीं कर सकी। जम्मू-कश्मीर ने 4 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया। वंशराज शर्मा 43 और अब्दुल समद 30 रन बनाकर नाबाद रहे। इस मैच के लिए जम्मू-कश्मीर के आकिब नबी डार को 9 विकेट और 42 रन के शानदार हरफनमौला प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया।
टॉस जीतकर जम्मू-कश्मीर ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। बंगाल की टीम ने सुदीप कुमार के 146, कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन के 49, शहबाज अहमद के 42 और सुमंता गु्प्ता के 39 रन की बदौलत अपनी पहली पारी में 328 रन बनाए।
जम्मू-कश्मीर के लिए आकिब नबी ने 5, सुनील कुमार ने 3, जबकि युदवीर सिंह और आबिद मुश्ताक ने 1-1 विकेट लिए।
मोहम्मद शमी की घातक गेंदबाजी के चलते जम्मू-कश्मीर की टीम अपनी पहली पारी 302 रन पर सिमट गई। अब्दुल समद ने सर्वाधिक 82 रन बनाए। कप्तान पारस डोगरा ने 58 और आकिब नबी ने 42 रन बनाए। वहीं, बंगाल की ओर से मोहम्मद शमी ने 8 और मुकेश कुमार ने 2 विकेट लिए।
पहली पारी के आधार पर बंगाल को 26 रन की बढ़त मिली। बंगाल की टीम दूसरी पारी में महज 99 रन पर सिमट गई। जम्मू-कश्मीर के लिए आकिब नबी और सुनील कुमार ने 4-4 विकेट लिए, जबकि आबिद मुश्ताक ने 2 विकेट लिए।
जम्मू-कश्मीर को जीत के लिए 126 रन की दरकार थी। उसने चार विकेट के नुकसान पर लक्ष्य को आसानी से हासिल करते हुए 6 विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही जम्मू-कश्मीर ने घरेलू क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। वह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में पहली बार फाइनल में पहुंची है।