
नई दिल्ली। भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट में 86 रन देकर रिकॉर्ड 9 विकेट झटककर साल का शानदार अंत किया। उनके इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने 4 मैचों की इस सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है। 25 साल के तेज गेंदबाज ने कपिल देव(1985 में 109 रन देकर 8 विकेट) और अजीत अगरकर(2003 में 160 रन देकर 8 विकेट) के प्रदर्शनों को पीछे छोड़ते हुए ऑस्ट्रेलिया में किसी भी भारतीय तेज गेंदबाज द्वारा एक मैच में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। बुमराह ने इस साल 9 टेस्ट मैच खेले और वह भी सभी विदेशी सरजमीं पर। इन मैचों में 48 विकेट झटककर उन्होंने पदार्पण साल में किसी भी तेज गेंदबाज द्वारा सर्वाधिक टेस्ट विकेट लेने का कीर्तिमान भी रचा। तेजी से मिली इस सफलता का श्रेय बुमराह ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट को दिया है।
रणजी ने बनाया मजबूत-
बुमराह ने बॉक्सिंग डे टेस्ट की समाप्ति पर प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि "मेरा ध्यान हमेशा निरंतरता पर रहता है। हम बहुत मेहनत करते हैं और रणजी क्रिकेट में हमें कई ओवरों तक गेंदबाजी करनी होती है इसलिए शरीर इसके मुताबिक ढला हुआ है। मेरा ध्यान अब अगले टेस्ट पर है।" बुमराह ने मैच की पहली पारी में करियर बेस्ट 33 रन देकर 6 विकेट झटके वहीं दूसरी पारी में उन्होंने महत्वपूर्ण 3 विकेट झटककर टीम को जीत दिलाई।
टेस्ट क्रिकेट खेलना सपना था: बुमराह-
गुजरात के तेज गेंदबाज ने टेस्ट क्रिकेट खेलने पर कहा कि "मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। चाहे वह बॉक्सिंग डे हो या किसी और दिन मैं बस हमेशा से टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहता था और मैंने इस साल जनवरी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वह मौका पाया। मैंने अपना ODI डेब्यू ऑस्ट्रेलिया में 2016 में किया था, इसलिए यहां टेस्ट क्रिकेट खेलना मेरे लिए बड़ी बात हैं। मैं खुश हूं कि मैं टीम की जीत में भूमिका निभा पाया।" बुमराह ने आगे कहा कि "टेस्ट क्रिकेट खेलना हमेशा से सपना था और दक्षिण अफ्रीका में पदार्पण कर मैं बहुत खुश था। मैने धीमे-धीमे सीखना शुरू किया, इंग्लैंड का अनुभव बेहद अलग था। ऑस्ट्रेलिया में आना भी अलग अनुभव था। शुरुआत सही हुई हैं और आशा हैं कि यह और बेहतर होती जाएगी।"