IPL 2026 से पहले CSK के पूर्व कप्तान एमएस धोनी को झारखंड हाउसिंग बोर्ड ने रांची स्थित रेजिडेंशियल प्लॉट के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर नोटिस भेजा है। आखिर ये क्या मामला है? आइये आपको भी बताते हैं।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पूर्व कप्तान एमएस धोनी शायद ही मैदान के बाहर कभी विवादों में रहे हों। लेकिन, भारत के पूर्व कप्तान अब रांची में एक प्रॉपर्टी से जुड़े कथित उल्लंघन मामले में झारखंड स्टेट हाउसिंग बोर्ड की जांच का सामना कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें रेजिडेंशियल प्लॉट पर कमर्शियल एक्टिविटी के लिए नोटिस भेजा गया है। आइये जानते हैं कि आखिर ये पूरा मामला क्या है?
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड हाउसिंग बोर्ड ने एमएस धोनी को हरमू रोड पर एक रेजिडेंशियल प्लॉट के लिए एक फॉर्मल नोटिस जारी किया है, जो उन्हें रहने के लिए अलॉट किया गया था। रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि शक है कि प्रॉपर्टी का इस्तेमाल कमर्शियल एक्टिविटी के लिए किया जा रहा है, जो उन शर्तों का उल्लंघन है, जिनके तहत जमीन दी गई थी।
झारखंड हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन संजय लाल पासवान ने पुष्टि की है कि जिस जमीन की बात हो रही है, वह एक बड़ी रेजिडेंशियल अलॉटमेंट स्कीम का हिस्सा थी। हालांकि, कुछ प्रॉपर्टी से कमर्शियल ऑपरेशन चलाए जाने की खबरें सामने आने के बाद बोर्ड ने जांच शुरू की है।
पासवान ने कहा कि नोटिस सिर्फ धोनी तक ही सीमित नहीं है। रेजिडेंशियल प्लॉट के कमर्शियल इस्तेमाल के बारे में इसी तरह की चिंताएं सामने आने के बाद कुछ अधिकारियों सहित कई अन्य अलॉटियों को भी नोटिस भेजे गए। बोर्ड के इंटरनल रिव्यू के दौरान ये गड़बड़ियां सामने आईं।
नतीजन, धोनी को रिपोर्ट किए गए गलत इस्तेमाल पर सफाई मांगने के लिए एक आखिरी नोटिस जारी किया गया। अगर दी गई सफाई ठीक नहीं लगती या अगर नियमों का पालन नहीं होता है तो बोर्ड मौजूदा लैंड-यूज नियमों के हिसाब से अलॉटमेंट कैंसिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
बता दें कि हरमू रोड की जिस प्रॉपर्टी की जांच हो रही है, वह पहले धोनी का घर था। अब वह रांची में रिंग रोड पर अपने नए बने घर में शिफ्ट हो गए हैं। मौजूदा विवाद इस आरोप से उपजा है कि उस जगह से एक डायग्नोस्टिक सेंटर चलाया जा रहा था, जिसके बाद हाउसिंग बोर्ड ने एक ऑफिशियल जांच शुरू की।