Kavya Maran Bid For Abrar Ahmed: गुरुवार को लंदन में आयोजित द हंड्रेड लीग के ऑक्शन में सनराइजर्स ग्रुप की सह-मालकिन काव्या मारन ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद के लिए 2.34 करोड़ रुपए की बोली लगाई।
Kavya Maran Bid for Abrar Ahmed: गुरुवार को मेंस हंड्रेड ऑक्शन 2026 में पाकिस्तानी लेग-स्पिनर अबरार अहमद के लिए सनराइजर्स लीड्स ने बोली लगाई और 2.34 करोड़ रुपए में अपनी टीम के साथ जोड़ लिया। सनराइजर्स लीडस् की सह-मालकिन काव्या मारन हैं, जिनकी एक टीम (सनराइजर्स हैदराबाद) इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी खेलती है। सनराइजर्स ने इस खिलाड़ी पर 1,90,000 पाउंड (2.3 करोड़ रुपए) की बोली लगाई, जिससे वह टूर्नामेंट में किसी भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी की ओर से साइन किए गए पहले पाकिस्तानी इंटरनेशनल खिलाड़ी बन गए।
जब से अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स ने खरीदा है, सोशल मीडिया पर काव्या मारन की जमकर आलोचना हो रही है। कई फैंस आईपीएल 2026 में खेले जाने वाले सनराइजर्स हैदराबाद के मैच को बॉयकॉट करने की बात कह रहे हैं तो कुछ काव्या को देशद्रोही बता रहे हैं। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने तो यहां तक कह दिया कि इसी पैसे से भारत पर मिसाइल दागेगा पाकिस्तान। हालांकि फ्रेंचाइजी ने अबराबर को खरीदने के वजह भी साफ कर दी है।
न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान डेनियल विटोरी इस वक्त सनराइजर्स लीड्स के हेड कोच हैं। ऑक्शन के दौरान वह भी सनराइजर्स लीड्स के टेबल पर मौजूद थे। उन्होंने कहा, 'हम नीलामी में उन सभी खिलाड़ियों के लिए उतरे जो हमारे लिए उपलब्ध थे। ऑक्शन में अंतरराष्ट्रीय टीमों के कई बेहतरीन स्पिनर विकल्प के तौर पर मौजूद थे, लेकिन अबरार हमारी प्राथमिकता थे।'
भारतीय मीडिया ग्रुप सन टीवी की मालिकाना हक वाली सनराइजर्स लीड्स ने लंच ब्रेक से ठीक पहले ऑक्शन में ट्रेंट रॉकेट्स के साथ बिडिंग कॉन्टेस्ट में जीत हासिल की। सन टीवी ने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) से 49 प्रतिशत हिस्सेदारी और यॉर्कशायर से लगभग 100 मिलियन पाउंड में शेष 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदकर नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स के नाम से जानी जाने वाली फ्रेंचाइजी का अधिग्रहण किया। यह ग्रुप सनराइजर्स हैदराबाद (आईपीएल) और सनराइजर्स ईस्टर्न केप (एसए20) टीम भी चलाता है।
शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा गया था कि आईपीएल फ्रेंचाइजी की मालिकाना हक वाली टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली लगाने से बचेंगी और गुरुवार की नीलामी के शुरुआती चरण में भी यही उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फ्रेंचाइजी ने अबरार को चुन लिया। साल 2009 के बाद से कोई भी पाकिस्तानी खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में नहीं खेला है। दुनिया भर में कई फ्रेंचाइजी टी20 लीग में निवेश करने वाले आईपीएल फ्रेंचाइजी मालिक आमतौर पर पाकिस्तानी क्रिकेटर्स को साइन करने से बचते रहे हैं।