kuldeep yadav vs Adien Markram: कुलदीप यादव को देखते ही एडेन मार्करम के पैर ठंडे पड़ जाते हैं। जब-जब ये दोनों खिलाड़ी आमने सामने आते हैं। कुलदीप मार्करम पर भारी पड़ते हैं। ऐसा ही गुरुवार को भी हुआ। कुलदीप ने मार्करम को क्लीन बोल्ड कर दिया।
India vs South Africa ODI: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुक़ाबला लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में प्रोटीज़ ने भारत को 9 रन से हरा दिया। इस मैच में भारतीय चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने वनडे क्रिकेट में जोरदार वापसी करते हुए अच्छा प्रदर्शन किया। कुलदीप ने 8 ओवर में मात्र 39 रन दिये और एक विकेट झटका। उन्होंने यह विकेट दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज एडेन मार्करम का लिया।
कुलदीप यादव को देखते ही एडेन मार्करम के पैर ठंडे पड़ जाते हैं। जब-जब ये दोनों खिलाड़ी आमने सामने आते हैं। कुलदीप मार्करम पर भारी पड़ते हैं। ऐसा ही गुरुवार को भी हुआ। कुलदीप ने मार्करम को क्लीन बोल्ड कर दिया। पारी के 16वें ओवर में एडने मार्करम को अंदर आती गेंद पर बोल्ड कर दिया। कुलदीप ने ऑफ द स्टंप गेंदबाजी करते हुए ऑफ स्टंप के बाहर गेंद फेंकी जिसे मार्करम अच्छी तरह पढ़ नहीं पाए और गेंद सीधे जाकर स्टंप्स पर लगी। गेंद का टिप्पा मार्करम के बैट के बाहर था और उन्हें अंदाजा नहीं था कि गेंद इतनी ज्यादा स्पिन होकर स्टंप्स पर जा लगेगी।
कुलदीप ने 18 गेंद पर मार्करम को तीन बार आउट किया है। इस दौरान मार्करम ने 1.7 के औसत से मात्र 5 रन बनाए हैं। बता दें बारिश से वाधित इस मुक़ाबले में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को 40 ओवर में 250 रन का लक्ष्य दिया। दक्षिण अफ्रीका को मुश्किल विकेट पर चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाने के लिए डेविड मिलर और हेनरिक क्लासेन ने 139 रन की शतकीय साझेदारी की। मिलर ने 63 गेंदों पर पांच चौकों और तीन सिक्स की बदौलत नाबाद 75 रन बनाए, जबकि क्लासेन ने 65 गेंदों पर छह चौके और दो सिक्स लगाते हुए 74 रन की नाबाद पारी खेली।
भारत को इस लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए सैमसन और श्रेयस अय्यर ने कड़ा संघर्ष किया। सैमसन ने 63 गेंदों पर नौ चौकों और तीन सिक्स की बदौलत 86 रन बनाए, जबकि अय्यर ने 37 गेंदों पर 50 रन की पारी खेली। इसके बाद शार्दुल ठाकुर ने भी संघर्ष करते हुए 31 गेंदों पर पांच चौकों के साथ 33 रन बनाए, लेकिन ऊपरी क्रम की असफलता के कारण भारत के लिए लक्ष्य तक पहुंचना असंभव साबित हुआ। भारतीय टीम आठ विकेट के नुकसान पर 240 रन ही बना सकी।