Lalit Modi Claims: ललित मोदी ने सालों बाद खुलासा करते हुए बताया कि दाऊद इब्राहिम की धमकियों के डर से उन्होंने क्रिकेट से दूरी बना ली, पूर्व आईपीएल अध्यक्ष ने क्रिकेट में आज भी सट्टेबाजी और फिक्सिंग के प्रभाव को लेकर बड़े दावे किए, इंटरव्यू में शशि थरूर और सुनंदा पुष्कर मामले पर भी कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए।

Lalit Modi: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के संस्थापक और पहले अध्यक्ष ललित मोदी ने सालों बाद खुलासा करते हुए बताया कि आखिर उन्होंने क्रिकेट से संन्यास क्यों ले लिया। 62 वर्षीय ललित मोदी ने एक इंटरव्यू में बताया कि वे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की धमकियों से डर गए थे और इस कारण उन्होंने क्रिकेट से दूरी बनाने का फैसला किया। इस इंटरव्यू के दौरान ललित मोदी ने अपनी क्रिकेट के अलावा अपनी निजी जिंदगी के बारे में भी कई बातें बताईं। उन्होंने ये भी माना कि आज भी दाऊद क्रिकेट में सट्टेबाजी करता है और उसका इस खेल में काफी प्रभाव है।
ललित मोदी ने कहा, ये 2012 की बात है। मुझे एक ऐसे आदमी का सुबह 3.30 बजे फोन आया जो आईपीएल के हर मैच में दिखाई देता था। वे लंदन का रहने वाला था और राजनेताओं के आसपास रहता था। उसने कहा कि तुम्हें अभी बाबा से मिलना होगा। मैं बाबा के पेंटहाउस गया। उसने मुझे बताया कि उसे एक आईपीएल टीम चाहिए। मैंने उसे बताया कि मुझे दाऊद से परेशानी है।
ललित मोदी ने कहा, इस व्यक्ति ने कहा कि वो इस समस्या को एक मिनट में सुलझा देगा। वो अपनी छत पर गया, अपना सैटेलाइट फोन निकाला और दाऊद को फोन किया। मैं डर से कांप रहा था और मेरी पैंट गीली हो गई। दाऊद ने कहा, अब से तुम्हारा सारा काम खत्म और फोन कट गया।
ललित मोदी ने कहा, मुझे दाऊद और उसके गिरोह से लगातार जान से मार देने की धमकियां मिलती थीं। मुंबई में मेरे घर के बाहर गोलीबारी हुई, जब मैं केप टाउन में था, तब जोहानिसबर्ग में मुझ पर जानलेवा हमला हुआ। मोंटेनेग्रो में भी मुझ पर हमला हुआ। लंदन में मेरे बेटे तक का अपहरण कर लिया गया।
मोदी ने कहा कि दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी उनसे इसलिए खफा था क्योंकि उन्होंने आइपीएल-2009 को दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट कर दिया था। उन्होंने कहा, उस समय भारत में लोकसभा चुनाव थे। सट्टा बाजारा में बड़े पैमाने पर दांव लगा था कि आइपीएल रद्द हो जाएगा। लेकिन मैं इसे दक्षिण अफ्रीका ले गया। इससे जाहिर तौर पर दाऊद को काफी नुकसान हुआ और वे चाहते थे कि मैं उस नुकसान की भरपाई करूं। मैंने बस इतना कहा कि मैं क्रिकेट से संन्यास ले लूंगा और मैंने अपना वचन निभाया।
क्या आज भी मैच फिक्स होते हैं, इस सवाल पर ललित मोदी ने कहा, हां, लेकिन अब तरीका बदल गया है। उन्होंने कहा, आज भी प्रति मैच करीब चार अरब डॉलर का भूमिगत सट्टेबाजी का कारोबार होता है। अब कोई मैच फिक्स नहीं करता। अब ओवर और हर गेंद फिक्स की जाती है। ये सट्टा बाजार बहुत बड़ा है।
ललित मोदी ने दिवंगत सुनंदा पुष्कर मामले पर भी खुलासा किया और कहा कि उन्हें कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने धमकी दी थी। उन्होंने कहा, 2010 में आइपीएल में नई टीम के लिए बोली लगी। कोच्चि टस्कर्स कंसोर्टियम ने 1600 करोड़ रुपए में टीम खरीदी, लेकिन मुझे टीम की फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर शक हुआ। कुछ शेयरहोल्डर्स पूरा पैसा जमा करा रहे थे लेकिन सुनंदा को बिना कोई पैसे दिए 25 फीसदी शेयर मिल रहे थे। इसके बाद पेपर पर साइन करने के लिए मुझे उस समय के विदेश मंत्री शशि थरूर का फोन आया।
मोदी ने कहा, थरूर ने मुझसे कहा कि सुनंदा पुष्कर उनकी अच्छी दोस्त हैं, उनके बारे में मत पूछो। अगर पूछा तो सुबह तुम्हारे यहां छापा पड़ेगा। इसके बाद, उस समय के बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर के अलावा अहमद पटेल, प्रणव मुखर्जी और राजीव शुक्ला जैसे नेताओं के मेरे पास काफी फोन आए। आखिर मैं मुझे दबाव में आकर पेपर पर साइन करने पड़े। गौरतलब है कि कोच्चि टस्कर्स दो साल बाद ही अनियमितताओं के कारण आइपीएल से बाहर हो गई।