
चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर। (फोटो सोर्स: एक्स@/cricsam02)
K Srikanth on Gautam Gambhir: आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया की हार के बाद गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर सवाल उठने लगे हैं। टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी कृष्णमाचारी श्रीकांत ने हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट से जवाबदेही की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने प्लेइंग 11 में बार बार हो रहे बदलाव पर भी सवाल उठाए हैं और टीम की प्लानिंग पर चिंता जताई है।
अपने यूट्यूब चैनल पर श्रीकांत ने टीम इंडिया की प्लानिंग पर बात करते हुए कहा, "वे बीच में टी20 विश्व कप जीत लेंगे, चैंपियंस ट्रॉफी जीत लेंगे और फिर गंभीर की बहुत तारीफ होगी, जबकि गंभीर को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। टीम मैनेजमेंट को जवाबदेह होना होगा। वे जिम्बाब्वे को हरा देंगे, फिर श्रीलंका और वेस्टइंडीज को हरा देंगे और फिर कहने लगेंगे कि भारत फॉर्म में वापस आ गया है। अगर आप जिम्बाब्वे, श्रीलंका और वेस्टइंडीज के मैचों को अहम सीरीज मानते हैं, तो टीम में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा, "विश्व कप से पहले ज्यादा वनडे मैच नहीं हैं। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया सीरीज, आईपीएल और विश्व कप होगा। सच कहूं तो, बार-बार बदलाव करके तैयारी करने का यह सही तरीका नहीं है। क्या कोई इतने बड़े स्कोर का पीछा करते समय केएल राहुल को छठे नंबर पर भेजेगा? उस खिलाड़ी ने आपके लिए कई मैच जिताए हैं। आपने संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी का करियर खराब किया, वैसे ही अब आप केएल राहुल का भी कर रहे हैं। क्या राहुल छठे या सातवें नंबर के बल्लेबाज हैं? यह उनके साथ सरासर नाइंसाफी है। कल उनकी बॉडी लैंग्वेज भी ऐसी लग रही थी जैसे वह नर्वस हों।"
श्रीकांत ने कहा कि रोहित शर्मा के आउट होने के बाद विराट कोहली का साथ देने के लिए राहुल सबसे सही खिलाड़ी थे, न कि तब क्रीज पर आना जब जरूरी रन रेट पहुंच से बाहर हो चुका था। भारत को जोस बटलर जैसी भूमिका निभाने वाले खिलाड़ी की जरूरत थी। इसी दौरान ईशान किशन और श्रेयस अय्यर जल्दी आउट हो गए। अगर राहुल चौथे नंबर पर आते, तो वह विराट कोहली का अच्छा साथ देते, जैसा उन्होंने 2023 विश्व कप में कई बार किया था। राहुल आसानी से रन गति बढ़ा सकते हैं। इसके बजाय, उन्हें तब बल्लेबाजी के लिए भेजा गया जब मैच लगभग खत्म हो चुका था। अक्षर पटेल के साथ प्रति ओवर 15 रन की जरूरत होने पर वह भला मैच कैसे जिता सकते थे?
Updated on:
21 Jul 2026 02:23 pm
Published on:
21 Jul 2026 02:21 pm
