
Manav Suthar on his Dream Debut: भारत ने न्यू चंडीगढ़ के पीसीए स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में काफी मजबूत बढ़त बना ली है। मेहमान अफगानी टीम दूसरे दिन का खेले खत्म होने तक अपनी पहली पारी में पांच विकेट के नुकसान पर सिर्फ 113 रन ही बना सकी। उसके लड़खड़ाने में सबसे बड़ा हाथ राजस्थान के 23 साल के बॉलिंग ऑलराउंडर मानव सुथार का रहा। सुथार ने न केवल अपने पहले ही ओवर में विकेट निकालकर इतिहास रचा, बल्कि इसके बाद दो और विकेट चटकाए। कहा जा सकता हैं कि इस मुकाबले का दूसरा दिन मानव के नाम ही रहा।
मैच के बाद मानव सुथार ने कहा कि स्पेल के दौरान मेरा फोकस सही एरिया में बॉलिंग करने और अपनी ताकत पर ध्यान देने पर था। विकेट से मदद मिल रही थी। इसलिए मेरी कोशिश थी कि मैं सही एरिया में गेंदबाजी करूं और जितना हो सके लगातार सही लेंथ पर बॉलिंग करूं।
आपको कब पता चला कि आप टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर रहे हैं? इस पर उन्होंने कहा कि मुझे सुबह ही पता चला जब हम ग्राउंड पर पहुंचे। क्या आप तैयार थे? इस पर उन्होंने हां कहते हुए अपना सिर हिलाया। क्या आप हमें उन ताकतों के बारे में थोड़ा और बता सकते हैं? मानव ने कहा कि फोकस सिंपल था। विकेट से कुछ मदद मिल रही थी और मेरी ताकत बॉल को टर्न करवाना है। इसलिए मेरा मकसद था कि जितना हो सके उतना टर्न निकालूं, क्योंकि पिच से मदद मिल रही थी। साथ ही मैं अच्छे एरिया में बॉलिंग करते रहना चाहता था और लगातार सही लेंथ पर बॉलिंग करना चाहता था। मेरा पूरा फोकस यही था।
क्या आप हमें डोमेस्टिक क्रिकेट से इंडिया टीम तक के अपने सफर के बारे में बता सकते हैं? इस पर उन्होंने कहा कि मेरा सफर डोमेस्टिक क्रिकेट में शुरू हुआ अंडर-19 से और फिर रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन किया। यह बहुत अच्छा और बहुत खास रहा है। इंडिया के लिए खेलना हर किसी का सपना होता है और मुझे अपनी कैप मिलने पर बहुत खुशी है।
क्या शुभमन गिल से मदद मिली, जो आपके आईपीएल कप्तान भी है? हां, शायद। क्योंकि हम साथ खेले हैं, वह मेरी ताकत और मेरी बॉलिंग को अच्छी तरह समझते हैं। उसी के आधार पर वह मुझे फील्ड प्लेसमेंट, मैच के हालात और मुझे किस लाइन और लेंथ पर बॉल डालनी चाहिए, इस बारे में गाइड करते हैं।
बता दें कि मानव सुथार का जन्म राजस्थान के श्री गंगानगर में 3 अगस्त 2002 को हुआ था। वह घरेलू क्रिकेट राजस्थान के लिए खेलते हैं और इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटंस के लिए खेलते हैं। उन्होंने अपना रणजी डेब्यू 17 फरवरी 2022 को आंध्र के खिलाफ किया था। उन्होंने 2022-23 रणजी ट्रॉफी सीजन के दौरान सबका ध्यान खींचा, जब उन्होंने 6 मैचों में 20.33 की औसत से 39 विकेट अपने नाम किए।
वह राजस्थान के लिए सीजन के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। उन्होंने उसी सीजन में दो अर्धशतक भी लगाए।
उन्हें 2023 एसीसी मेन्स इमर्जिंग कप के लिए भी चुना गया और बाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने 5 मैचों में 19.50 के औसत और 4.21 की इकॉनमी रेट से 10 विकेट लेकर कॉम्पिटिशन में दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले संयुक्त गेंदबाज बने।