
नई दिल्ली। कुछ दिन पहले भारतीय बल्लेबाज मनोज तिवारी ने बीसीसीआई के टीम चुनने के तरीके पर सवाल उठाये थे। मनोज के मुताबिक उन्हें भारतीय टीम में चयन का गणित समझ नहीं आ रहा था। दरअसल अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूत उन्हें दिलीप ट्रॉफी और इंडिया ए टीम में जगह नहीं मिली थी। अब खबर आ रही है के मनोज को अब बीसीसीआई ने बंगाल टीम का कप्तान बना दिया है।
बंगाल का कप्तान बनाया मनोज को
जी हां! बीसीसीआई ने मनोज को बंगाल टीम का कप्तान नियुक्त किया है। मनोज घरेलु क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने विजय हजारे और देवधर ट्रॉपी में 100 से ज्यादा औसत से रन बनाए। मनोज तिवारी ने 2017-18 सीजन में 126.70 की औसत से 507 रन बनाए हैं। यह लिस्ट-ए में भारत के घरेलू सीजन में किसी भी खिलाड़ी द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा औसत स्कोर है। इससे पहले किसी भी किसी भी खिलाड़ी ने लिस्ट-ए गेम में 400 रन तक ही बनाए हैं। विजय हजारे और देवधर ट्रॉफी में 100 से अधिक औसत अभी तक किसी भी बल्लेबाज का नहीं रहा है। कप्तान बनाने के बाद मनोज ने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा " दिलीप ट्रॉफी या इंडिया ए और बी टीम में सलेक्शन नहीं होने से मैं नाखुश जरूर था। लेकिन, बंगाल टीम का कप्तान बनाए जाने से मैं खुश हूं। बंगाल टीम का प्रतिनिधित्व करना सम्मान की बात है। मैं हमेशा हर तरह की चुनौतियों को स्वीकार करने के लिए तैयार हूं।"
पिछले हफ्ते उठाए थे बीसीसीआई पर सवाल
बता दें पिछले हफ्ते मनोज ने टीम में जा चुने जाने पर निराशा व्यक्त करते हुए लिखा था " भारतीय क्रिकेट टीम के इतिहास में कितने ऐसे बल्लेबाज रहे हैं, जिनका विजय हजारे और देवधर ट्रॉफी में 100 से अधिक का औसत रहा है और वह भी एक ही साल में?" मनोज ने कहा, "मुझे यह एहसास हुआ है कि टीम के लिए किए गए आपके काम की पहचान नहीं होती। लोग केवल स्कोरशीट पर नंबर देखना चाहते हैं, लेकिन यह भूल जाते हैं कि हम किस प्रकार की पिच पर खेले हैं और मैच का परिणाम क्या था?"