
ऑकलैंड : न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम में एक नए ऑलराउंडर स्कॉट कुगलीजेन का नाम जुड़ा है। उन्होंने अभी तक मात्र 2 वनडे और 3 टी-20 किवी टीम की ओर से खेले हैं। हालांकि भारत के खिलाफ खेले जा रहे टी-20 सीरीज में उनका प्रदर्शन अभी तक कोई खास नहीं रहा है, लेकिन चर्चा है कि वह न्यूजीलैंड की विश्व कप टीम में भी शामिल किए जा सकते हैं। लेकिन उनके टीम में होने पर पर न्यूजीलैंड में ही जबरदस्त विरोध हो रहा है। इसकी वजह यह है कि उन पर 2015 में एक महिला से बलात्कार करने का आरोप लग चुका है। इस वजह से उन्हें ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए मैच में कुछ घरेलू दर्शकों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। जब कुगलीजेन बल्लेबाजी के लिए उतरे तो कुछ दर्शकों ने उनके खिलाफ कुछ नारेबाजी की और मीटू का पोस्टर लहराया।
दर्शक उनके खेलने पर जता रहे थे विरोध
शुक्रवार को ईडन पार्क में कुगलीजेन के खिलाफ दर्शक दीर्घा में एक महिला अपने हाथ में एक पोस्टर लिए दिखी, जिस पर लिखा था- वेक अप न्यू जीलैंड क्रिकेट, #मीटू। इसके अलावा एक और पोस्टर पर लिखा था- नो मींस नो। हालांकि इस तरह के बैनर वेस्टपैक स्टेडियम में बुधवार को भी नजर आए थे, लेकिन सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें तुरंत हटा दिया था। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर भी उनके टीम में रहने को लेकर आपत्ति जताई।
यह है आपत्ति
दरअसल, कुगलीजेन पर 17 मई 2015 को हैमिल्टन ईस्ट के फ्लैट में एक महिला के साथ रेप करने का आरोप लगा था। 2016 में यह मामला अदालत में भी गया था और ट्रायल के दौरान कुगलीजेन ने यह स्वीकार भी किया था कि दो बार मना करने के बावजूद उन्होंने महिला के साथ जबरदस्ती की थी। अदालत में उन्हांने कहा था कि महिला ने 2 बार 'नो-नो' कहा था, लेकिन यह कई बार नहीं था। हालांकि इसके अगले ही दिन कुगलीजेन ने उक्त महिला से माफी भी मांगी थी। 2017 में अदालत ने उन्हें बलात्कार के आरोप से बरी कर दिया था।