2018 में हसीन ने शमी पर घरेलू हिंसा, व्यभिचार और यहां तक कि मैच फिक्सिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर शमी के कथित चैट्स के स्क्रीनशॉट्स शेयर किए, जिससे विवाद और बढ़ गया।
Mohammad Shami Hasin Jahan Love story: भारतीय स्टार तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी सिर्फ अपनी स्विंग और स्पीड के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। उनकी और हसीन जहां की लव स्टोरी कभी एक फिल्मी प्रेमकहानी जैसी थी, लेकिन समय के साथ यह रिश्ता विवादों और तल्खियों में बदल गया।
यह कहानी 2012 में शुरू हुई, जब शमी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR के लिए खेल रहे थे, और हसीन जहां उसी टीम की चीयरलीडर थीं।
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के सिउरी में जन्मीं हसीन जहां एक मॉडल थीं, जिन्हें परिवार के दबाव के कारण मॉडलिंग में ज्यादा मौके नहीं मिले। 2012 में केकेआर के लिए काम करते समय उनकी मुलाकात शमी से हुई। बताया जाता है कि शमी को हसीन से पहली नजर में प्यार हो गया। दोनों ने कुछ समय तक डेटिंग की और 6 जून 2014 को शादी के बंधन में बंध गए। शादी के बाद हसीन ने चीयरलीडिंग और मॉडलिंग छोड़ दी और शमी के साथ उनके क्रिकेट टूर पर जाने लगीं।
2014 में मोहम्मद शमी और हसीन जहां ने शादी कर ली। शादी के कुछ समय बाद दोनों को एक बेटी भी हुई, जिससे उनके परिवार की तस्वीर और भी खूबसूरत लगने लगी। शुरुआत में दोनों सोशल मीडिया पर भी साथ की तस्वीरें साझा करते थे, जिससे उनके रिश्ते की मजबूती का अंदाज़ा लगाया जा सकता था।
हालांकि, यह खुशी ज्यादा समय तक नहीं टिकी। 2018 में हसीन ने शमी पर घरेलू हिंसा, व्यभिचार और यहां तक कि मैच फिक्सिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर शमी के कथित चैट्स के स्क्रीनशॉट्स शेयर किए, जिससे विवाद और बढ़ गया। शमी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया। बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी इकाई ने मैच फिक्सिंग के आरोपों की जांच की और शमी को क्लीन चिट दे दी। इसके बावजूद, दोनों के रिश्ते में दरार गहरी हो गई, और वे अलग हो गए। दोनों के बीच का विवाद इतना गहरा हो गया कि मामला अदालत तक पहुंचा और कई वर्षों से उनका तलाक और कस्टडी केस चल रहा है।
कानूनी जंग में हसीन ने गुजारा भत्ता मांगा। 2023 में कोलकाता की एक अदालत ने शमी को हसीन और उनकी बेटी के लिए 1.30 लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया, जिसे 2025 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने बढ़ाकर 4 लाख रुपये (1.5 लाख हसीन के लिए और 2.5 लाख आयरा के लिए) कर दिया।