
Mohammad Siraj को चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया था, जिसका उनको आज भी मलाल है। रोहित शर्मा के नेतृत्व में टीम इंडिया खिताब जीता था। अब सिराज नई टीम गुजरात टाइटंस के लिए शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने महज 17 रन देकर चार विकेट चटकाए, जो उनका आईपीएल में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के खिताब से भी नवाजा गया। इसके साथ ही वह अब आईपीएल 2025 में पर्पल कैप की दौड़ में दूसरे पायदान पर पहुंच गए है। आखिर सिराज की गेंदबाजी में इतनी धार कैसे आई इसका खुलासा उन्होंने खुद किया है।
बता दें कि 31 वर्षीय सिराज आईपीएल में 100 विकेट लेने वाले 12वें भारतीय तेज गेंदबाज भी बन गए हैं। अब तक उन्होंने 97 मैचों में 28 के औसत और 8.61 की इकॉनमी से 102 विकेट चटकाए हैं। अपनी पूर्व क्रिकेट टीम के खिलाफ उन्होंने अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, अनिकेत वर्मा और सिमरजीत सिंह के विकेट लिए। इससे ये साफ होता है कि इस साल टूर्नामेंट में वह कितनी खतरनाक गेंदबाजी कर रहे हैं।
सिराज पर्पल कैप लीडरबोर्ड में मिशेल स्टार्क के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं, दोनों ने 9-9 विकेट लिए हैं। उनसे आगे केवल अफगानिस्तान के नूर अहमद हैं। लेकिन विकेटों से भी बड़ी बात यह रही है कि उन्होंने टूर्नामेंट में कितनी डॉट बॉल फेंकी हैं। सनराइजर्स के खिलाफ सिराज ने 24 गेंदों में से 17 गेंदों पर कोई रन नहीं दिया।
इस शानदार प्रदर्शन के लिए एक कारक गेंद पर लार का उपयोग है। कोविड-19 के बाद आईसीसी ने गेंद को चमकाने के लिए लार के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसने स्विंग को कम कर दिया था। खासकर टी20 में बल्लेबाजों को खूब रन बनाने में आसानी हो रही थी। लेकिन, सिराज ने इस नियम के हटते ही कमाल दिखाया। उन्होंने गेंद को देर से स्विंग किया, पिच से दोनों तरफ मूवमेंट हासिल किया, जिससे बल्लेबाजों को काफी परेशानी हुई।
मोहम्मद सिराज ने खुद इस बात की पुष्टि की कि गेंद पर लार के इस्तेमाल के कारण उसे कितनी मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि मैं इसका भरपूर आनंद ले रहा हूं। मैंने अपनी गेंदबाजी और फिटनेस पर काम किया है, तरोताजा महसूस कर रहा हूं और गेंदबाजी का आनंद ले रहा हूं। भले ही गेंद थोड़ी पीछे की ओर जाती हो (लार के इस्तेमाल के कारण), लेकिन विकेट (खासकर बोल्ड और एलबीडब्ल्यू) लेना आसान हो जाता है।