
ENG vs PAK Test 2026: इंग्लैंड दौरे पर पहले दो टेस्ट मैचों में पाकिस्तान के शर्मनाक प्रदर्शन की दुनिया भर में आलोचना हो रही है। प्लेयर्स के साथ-साथ कोच, सेलेक्टर्स और मैनेजमेंट को भी लताड़ा जा रहा है। इस दौरान पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया कि भारत के खिलाफ एक मैच के बाद पाकिस्तान की दुर्दशा होनी शुरू हो गई। टी20 वर्ल्ड कप 2021 के ग्रुप स्टेज में पहली बार पाकिस्तान ने भारतीय टीम को हराया था। किसी भी वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की भारत के खिलाफ यह पहली जीत थी।
इस मुकाबले में भारतीय टीम को 10 विकेट से हराया था, जहां बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान ने बिना कोई विकेट गंवाए 152 रन के लक्ष्य को हासिल कर लिया था। बाबर आजम ने 68 और मोहम्मद रिजवान ने 79 रन की पारी खेली थी। इस जीत के बाद पाकिस्तान भारत के खिलाफ लगातार जीत के लिए तरसता रहा और सिर्फ भारत के खिलाफ ही नहीं, बल्कि कई बड़ी टीमों के खिलाफ उसका प्रदर्शन निचले स्तर पर आ गया। 2022 टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की टीम फाइनल में पहुंची, लेकिन वहां उसे इंग्लैंड से हार झेलनी पड़ी और उसके बाद से किसी भी आईसीसी इवेंट में पाकिस्तान का प्रदर्शन औसत भी नहीं रहा है।
2023 में खेले गए वनडे वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल में भी जगह नहीं बना सकी, तो वहीं 2024 के टी20 वर्ल्ड कप के पहले ही राउंड से बाहर हो गई। 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में भी इनका हाल यही रहा और 2025 में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी में भी पाकिस्तान ने शर्मनाक प्रदर्शन किया। टेस्ट में तो पाकिस्तान का हाल इतना बुरा है कि वह फिलहाल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने की सोच भी नहीं सकती।
मोहम्मद यूसुफ का मानना है कि भारत के खिलाफ 2021 के वर्ल्ड कप के मैच में हमने शानदार जीत हासिल की थी और उसके बाद से ही पाकिस्तान क्रिकेट की दुर्दशा होनी शुरू हो गई। उस मैच के बाद प्लेयर्स ने सोचना शुरू कर दिया कि उन्होंने बहुत बड़ी जीत हासिल की है। उस जीत को ऐसे सेलिब्रेट किया गया, जैसे वह कोई ऐतिहासिक मुकाबला हो। खिलाड़ी यह समझ ही नहीं पाए कि आगे उन्हें क्या करना है। समा टीवी से बात करते हुए मोहम्मद यूसुफ ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की टीम में हर कोई कप्तान बनना चाहता है और यही वजह है कि पाकिस्तान क्रिकेट इस स्तर पर तक गिर चुका है।
मोहम्मद यूसुफ ने कहा, "पिछले चार-पांच सालों में पाकिस्तान का प्रदर्शन देख लीजिए। चाहे वह वनडे वर्ल्ड कप हो या टी20 वर्ल्ड कप या एशिया कप या चैंपियंस ट्रॉफी, पाकिस्तान ने सबसे खराब प्रदर्शन किया है। इसके बावजूद पीसीबी ने लगातार समर्थन किया है। कप्तान गए, कई कोच गए, बहुत सारी चीजें बदलीं, लेकिन पाकिस्तान को इससे कोई फायदा नहीं हुआ। इस दौरान किसी भी प्लेयर ने जिम्मेदारी नहीं ली। इसके बाद पाकिस्तान ने एक साथ 7 खिलाड़ियों को बाहर निकालने का बड़ा फैसला लिया, जिसका मैं समर्थन करता हूं।"