
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इंग्लैंड दौरे पर गए अपने खिलाड़ियों को सख्त हिदायत दी है कि वे पूर्व कप्तान और 1992 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान इमरान खान के जेल जाने पर सार्वजनिक रूप से बयानबाजी न करें। बोर्ड इस बात को लेकर सावधानी बरत रहा है कि ब्रिटिश मीडिया इस मुद्दे पर ज्यादा सवाल न करे। यह मुद्दा तब सामने आया, जब स्काई स्पोर्ट्स ने लॉर्ड्स में दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन लंच के दौरान इमरान के बेटों कासिम और सुलेमान का इंटरव्यू दिखाया, जिसे माइक एथरटन ने होस्ट किया था। रिपोर्ट की मानें तो पीसीबी ने इंटरव्यू के प्रसारण का विरोध करते हुए मैच का बॉयकॉट करने की धमकी दी थी।
दरअसल, स्काई स्पोर्ट्स ने शुरू में इंटरव्यू को ऑन एयर करने में देरी की, लेकिन फिर इसे आगे बढ़ाया। इसके बाद मोहसिन नकवी के अगुवाई वाले बोर्ड ने शिकायत दर्ज कराई। जब पाकिस्तान के हेड कोच सरफराज अहमद से बाद में पूछा गया कि क्या खिलाड़ियों ने इंटरव्यू देखा था। सरफराज ने कहा कि नहीं, हमें इसके बारे में कुछ नहीं पता, हम लंच कर रहे थे। उन्होंने उन खबरों को भी खारिज कर दिया कि पीसीबी ने मैच के बॉयकॉट की धमकी दी थी।
रिपोर्ट में पीसीबी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि बोर्ड स्काई स्पोर्ट्स के इंटरव्यू से नाखुश था, क्योंकि वह इस विषय को राजनीतिक मानता है। हालांकि, बोर्ड ने यूके के साथ पाकिस्तान के डिप्लोमैटिक रिलेशन और 2 सितंबर को प्रिंस चार्ल्स द्वारा टीम के लिए होस्ट किए गए रिसेप्शन को ध्यान में रखते हुए मामले को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया।
पीसीबी का यह फैसला इमरान खान के लगातार जेल में रहने और रिपोर्ट की गई हेल्थ प्रॉब्लम पर बढ़ते इंटरनेशनल अटेंशन के बीच आया है। पिछले हफ्ते ही भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर और कपिल देव समेत 21 पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेट कप्तानों ने इमरान के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट और वेलफेयर की मांग करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखा था। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री 2023 से भ्रष्टाचार, सरकारी सीक्रेट्स लीक करने और गैर-कानूनी शादी से जुड़े मामलों में जेल में बंद हैं। खान और उनकी पार्टी का दावा है कि ये मामले राजनीति से प्रेरित हैं।