पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विजय हजारे ट्रॉफी से बाहर रहने का फैसला लिया है।
नई दिल्ली। मुख्य राष्ट्रीय चयनकर्ता MSK प्रसाद ने दो दिन पहले यह ऐलान किया था कि पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी झारखण्ड की टीम से विजय हजारे ट्रॉफी के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में खेलेंगे। पर दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज ने इससे बाहर रहने का चौकाने वाला फैसला लिया है। धोनी ने एशिया कप में केवल 77 रन बनाए थे इसलिए यह कयास लगाए जा रहे थे कि वह घरेलु क्रिकेट खेल फॉर्म में वापस आना चाहेंगे।
अच्छे फॉर्म से गुजर रही है झारखण्ड-
झारखण्ड के कोच रवि कुमार ने बताया है कि झारखण्ड की टीम चल रहे एकदिवसीय टूर्नामेंट में अच्छी फॉर्म से गुजर रही है इसलिए धोनी ने यह यह फैसला लिया है कि वह महारष्ट्र के खिलाफ 15 अक्टूबर को होने वाले क्वार्टरफाइनल मुकाबले में नहीं खेलेंगे। झारखण्ड ने ग्रुप स्टेज में खेले गए 9 मैचों में 7 में जीत दर्ज की है और 32 अंक अर्जित करते हुए ग्रुप सी को टॉप कर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई है।
धोनी के नहीं खेलने की यह है वजह-
झारखण्ड के कोच ने धोनी के हवाले से बताया कि "धोनी का मानना है कि इस स्टेज में टीम में शामिल होना उचित नहीं होगा, क्योंकि टीम ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और क्वार्टर फाइनल स्टेज में उनके बगैर पंहुचा है। इसके साथ ही वह टीम संतुलन को ख़राब नहीं करना चाहते।"
घरेलु क्रिकेट खेल फॉर्म में लौट सकते थे धोनी-
धोनी ने 2018 में 15 ODI मुकाबले खेले हैं जिसमे उन्होंने 28.12 की साधारण औसत से 225 रन बनाए हैं। भारतीय टीम इस समय मिडिल आर्डर की परेशानियों से जूझ रही है ऐसे में धोनी का फॉर्म से बाहर रहना टीम के लिए और बड़ी चुनौती है। घरेलु क्रिकेट में खेल कर धोनी फॉर्म में वापसी कर सकते थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI के लिए सीमित ओवरों की भारतीय टीम को जिस दिन रिपोर्टिंग करनी है उसी दिन विजय हजारे का सेमीफाइनल मुकाबला भी खेला जाना है । ऐसे में धोनी झारखण्ड के लिए केवल क्वार्टरफाइनल मुकाबला ही खेल पाते। केवल एक मुकाबला खेल पाना भी धोनी के इस टूर्नामेंट से बाहर होने का कारण हो सकता है।