
New Zealand vs India 2nd ODI: भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 वनडे मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला 7 नवंबर को खेला जाएगा। पहले मैच में पांच विकेट से जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम के हौसले बुलंद हैं। टीम इंडिया सीरीज में 1-0 से आगे है। अब उसकी नजर दूसरा मुकाबला जीतकर अजेय बढ़त हासिल करने पर होगी। हालांकि, पहले मैच में जीत के बावजूद भारतीय टीम की कुछ कमजोरियां सामने आई थीं। इन गलतियों को सुधारना दूसरे वनडे में बेहद जरूरी होगा। ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम 40.2 ओवर में 185 रन पर सिमट गई थी। जवाब में भारत ने बारिश के कारण मिले 32 ओवर में 143 रन के लक्ष्य को 22.4 ओवर में हासिल कर लिया था। विराट कोहली की 74 रन की पारी जीत की सबसे बड़ी वजह बनी। इसके बावजूद भारतीय टीम को चार बातों पर विशेष ध्यान देना होगा।
न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के पहले वनडे में रोहित शर्मा का बल्ला नहीं चला था। वह छह गेंद खेलने के बाद बिना खाता खोले आउट हो गए थे। काइल जेमीसन ने उन्हें पवेलियन भेजा था। रोहित का विकेट पहले ही ओवर में गिर गया था। दूसरे वनडे में भारतीय टीम को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज शुरुआती ओवरों में गेंद को स्विंग करा सकते हैं। ऐसे में रोहित को संभलकर बल्लेबाजी करनी होगी।
पहले मैच में विराट कोहली ने 51 गेंदों पर 74 रन बनाए। उन्होंने 13 चौके और एक छक्का लगाया। शुभमन गिल ने 56 गेंदों पर 37 रन बनाए। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 113 रन की साझेदारी हुई। लेकिन गिल के आउट होने के बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई। कोहली भी 74 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद अक्षर पटेल खाता नहीं खोल सके। श्रेयस अय्यर ने 13 गेंदों पर 15 रन बनाए। भारत ने 114 से 136 रन के बीच तीन विकेट गंवा दिए। दूसरे मैच में मध्यक्रम को इस कमजोरी से बचना होगा।
भारतीय गेंदबाजों ने पहले मैच में अच्छा प्रदर्शन किया। अर्शदीप सिंह ने 70 रन देकर चार विकेट लिए। गुरनूर बरार को तीन और अंशुल कंबोज को दो विकेट मिले। कंबोज ने 10 ओवर में सिर्फ 22 रन दिए। उनका इकॉनमी रेट 2.20 रहा। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने 8 वाइड और एक नो बॉल सहित 13 अतिरिक्त रन दिए। दूसरे मैच में इस पर नियंत्रण जरूरी होगा।
न्यूजीलैंड की पारी के आखिरी दौर में ब्लेयर टिकनर ने भारतीय गेंदबाजों पर हमला बोला। उन्होंने सिर्फ 23 गेंदों पर 34 रन बनाए। उनकी पारी में चार छक्के शामिल थे। एक समय न्यूजीलैंड की टीम 146 रन पर नौ विकेट गंवा चुकी थी। इसके बाद आखिरी विकेट के लिए 39 रन की साझेदारी हुई। भारत को दूसरे वनडे में ऐसी ढिलाई से बचना होगा।
कुल मिलाकर भारतीय टीम के सामने चुनौती साफ है। गेंदबाजों को अपनी लय बनाए रखनी होगी। वहीं बल्लेबाजों को जिम्मेदारी के साथ खेलना होगा। अगर रोहित और मध्यक्रम के बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो भारत के लिए सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल करना आसान हो सकता है।