6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

क्रिस लिन से पहले भी डोपिंग में फंस चुके हैं ये 5 बड़े क्रिकेटर, झेल चुके हैं 12 महीने का बैन

क्रिस लिन से पहले शेन वार्न, मोहम्मद शहजाद और शोएब अख्तर समेत 5 क्रिकेटर डोपिंग में फंस चुके हैं। जानें किस खिलाड़ी पर कितना बैन लगा और ICC-WADA के नियम क्या हैं।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Satya Brat Tripathi

•

Updated: 6 Nov 2026, 1:06 PM IST

Cricketer Dope ban

दुनिया भर में कई क्रिकेटर डोप टेस्ट में फेल हो चुके है। (Photo- X/@cricmawa/@mipaltan/@cricbuzz)

Cricketer Dope Ban: पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर क्रिस लिन डोप टेस्ट में फेल होने के कारण एक महीने का प्रतिबंध झेल चुके हैं। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इससे पहले भी डोपिंग नियमों के उल्लंघन के कारण क्रिकेटरों पर प्रतिबंध लगाया गया है? आइए, ऐसे ही 5 बड़े खिलाड़ियों के बारे में जानते हैं, जिन्हें डोपिंग के कारण प्रतिबंध का सामना करना पड़ा।

शेन वार्न:

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वार्न 2003 वनडे वर्ल्ड कप से ठीक पहले डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद उन पर 12 महीने का प्रतिबंध लगा दिया गया था। वह डायूरेटिक नामक प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के दोषी पाए गए थे। उस समय वार्न ने सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने अपनी मां की सलाह पर कुछ दवाइयां ली थीं। उन्होंने 2004 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी।

मोहम्मद शहजाद:

अफगानिस्तान के क्रिकेटर मोहम्मद शहजाद भी डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे। साल 2017 में उन्हें क्लेनब्यूटेरोल नामक प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन का दोषी पाया गया था। इसके बाद ICC ने उन पर 12 महीने का प्रतिबंध लगा दिया था। बता दें कि क्लेनब्यूटेरोल को विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (WADA) की प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में शामिल किया गया है।

प्रदीप सांगवान:

भारतीय क्रिकेटर प्रदीप सांगवान को भी डोपिंग नियमों के उल्लंघन के कारण प्रतिबंध का सामना करना पड़ा था। साल 2013 में BCCI के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत लिए गए उनके सैंपल में एनाबॉलिक स्टेरॉयड स्टैनोजोलोल पाया गया था। इसके बाद उन पर 18 महीने का प्रतिबंध लगाया गया था।

शोएब अख्तर:

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर भी डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे। इसके चलते उन पर दो साल का प्रतिबंध लगाया गया था।
अक्टूबर 2006 में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के शुरुआती मुकाबले से एक दिन पहले वह डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे। हालांकि बाद में उन पर से प्रतिबंध हटा लिया गया था।

कीथ बार्कर:

हैम्पशायर के पूर्व ऑलराउंडर कीथ बार्कर भी डोपिंग मामले में फंस चुके हैं। मई 2024 में नियमित ड्रग टेस्ट के दौरान उनके सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ इंडैपमाइड पाया गया था। इसके बाद उन पर 12 महीने का प्रतिबंध लगाया गया। सजा पूरी करने के बाद वह 4 जुलाई 2025 से दोबारा क्रिकेट खेलने के योग्य हो गए।

क्रिकेट में डोपिंग क्या है और खिलाड़ी पर कब लगता है बैन?

डोपिंग का मतलब है कि कोई खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को कृत्रिम तरीके से बेहतर बनाने या थकान छिपाने के लिए प्रतिबंधित पदार्थों या तरीकों का इस्तेमाल करता है। ऐसे पदार्थों और तरीकों को WADA और ICC के नियमों के तहत प्रतिबंधित किया जाता है। यदि किसी खिलाड़ी के 'ए' सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ पाया जाता है, तो उसे अस्थायी रूप से निलंबित किया जा सकता है। खिलाड़ी चाहे तो 'B' सैंपल की जांच कराने का अनुरोध कर सकता है। यदि जांच में 'B' सैंपल भी पॉजिटिव पाया जाता है, तो संबंधित नियमों के अनुसार खिलाड़ी पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। मामले की गंभीरता और परिस्थितियों के आधार पर प्रतिबंध की अवधि अलग-अलग हो सकती है। यह कुछ महीनों से लेकर कई साल तक हो सकती है।

खेलों में वेयरअबाउट नियम: जो खिलाड़ी 'रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल' (RTP) का हिस्सा होते हैं, उन्हें अपनी लोकेशन और उपलब्धता की जानकारी पहले से देनी होती है। यदि डोपिंग कंट्रोल अधिकारी तय समय पर जांच के लिए पहुंचते हैं और खिलाड़ी लगातार अनुपस्थित रहता है या जानकारी देने के नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।

क्या कफ सिरप और सामान्य दवाओं से भी डोप टेस्ट पॉजिटिव हो सकता है?

कुछ दवाओं और कफ सिरप में ऐसे तत्व हो सकते हैं, जो डोपिंग जांच में प्रतिबंधित पदार्थ के रूप में सामने आएं। हालांकि, हर सामान्य दवा या कफ सिरप से डोप टेस्ट पॉजिटिव नहीं होता। यदि किसी खिलाड़ी को डोप टेस्ट से पहले कोई दवा लेनी पड़ी है, तो उसे इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को देनी होती है। दवा का सेवन करने से पहले प्रतिबंधित पदार्थों की सूची की जांच करना भी जरूरी है।

ICC और WADA के डोपिंग नियम क्या कहते हैं?

ICC के डोपिंग रोधी नियम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सभी पुरुष और महिला खिलाड़ियों पर लागू होते हैं। ICC ने अपने डोपिंग रोधी नियम WADA के मानकों के अनुरूप बनाए हैं। ICC खिलाड़ियों को सप्लीमेंट्स के इस्तेमाल को लेकर भी सावधान करता रहता है। यदि किसी खिलाड़ी को बीमारी के इलाज के लिए ऐसी दवा लेनी पड़ती है, जिसमें प्रतिबंधित पदार्थ मौजूद है, तो उसे चिकित्सीय उपयोग छूट के लिए आवेदन करना पड़ सकता है।

वहीं, WADA के डोपिंग रोधी नियम दुनियाभर के खेलों में एकरूपता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। WADA हर साल प्रतिबंधित पदार्थों और तरीकों की सूची अपडेट करता है। इसलिए खिलाड़ियों के लिए जरूरी है कि वे किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी हासिल करें।