
Pat Cummins Ruled Out: इंग्लैंड के खिलाफ एसेज टेस्ट सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया की टीम को बड़ा झटका लगा है। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस एशेज सीरीज की शुरुआत से ही बाहर रहेंगे और पूरी सीरीज़ से भी बाहर हो सकते हैं, क्योंकि नए स्कैन से पता चला है कि उनकी पीठ में खिंचाव की समस्या अभी तक ठीक नहीं हुई है। खुद कमिंस ने पहले भरोसा जताया था कि वह एसेज सीरीज में अहम भूमिका निभाएंगे, लेकिन 21 नवंबर से शुरू हो रहे पर्थ में पहले टेस्ट मैच में उनके खेलने की संभावना नहीं है और वह सभी पांच टेस्ट मैचों से भी बाहर हो सकते हैं। उनकी जगह स्टीव स्मिथ बेन स्टोक्स की इंग्लैंड टीम का सामना करने के लिए संभावित कार्यवाहक कप्तान बन सकते हैं।
द ऐज की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि 32 वर्षीय पैट कमिंस ने टेस्ट समर से पहले अपनी प्रगति स्पष्ट करने के लिए पिछले हफ़्ते अपडेट स्कैन कराया था। उन्हें बताया गया था कि हालांकि तनाव का "हॉट स्पॉट" ठीक हो रहा है, लेकिन अभी तक वह गेंदबाजी करने के लिए पर्याप्त रूप से ठीक नहीं हुए हैं। इस अपडेट के बाद उनकी वापसी साल के आखिरी कुछ हफ़्तों तक टल सकती है, जिससे उनके लिए एशेज सीरीज के लिए समय पर लय हासिल करना मुश्किल हो जाएगा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
पैट कमिंस के लिए सबसे अच्छी स्थिति यही हो सकती है कि वह एशेज के आखिरी दौर में टीम में वापसी करें, ठीक वैसे ही जैसे स्कॉट बोलैंड ने हाल की गर्मियों में तेज गेंदबाजी को मज़बूत किया है। बोलैंड अब पर्थ में जोश हेज़लवुड और मिशेल स्टार्क के बाद तीसरे सबसे तेज़ गेंदबाज़ के रूप में नजर आ रहे हैं। वहीं, कमिंस का पीठ में चोट के कारण बाहर होना ऑस्ट्रेलिया के लिए 2018 से चली आ रही एशेज सीरीज़ को बरकरार रखने की संभावनाओं के लिए एक बड़ा झटका है।
इंग्लैंड ने 2011 के बाद से ऑस्ट्रेलियाई धरती पर कोई टेस्ट नहीं जीता है, लेकिन इस खबर से उन्हें फायदा जरूर मिलेगा कि अब उनका सामना ऑस्ट्रेलिया के सबसे मज़बूत कप्तान और तेज़ गेंदबाज़ों के अगुआ से नहीं होगा।
बता दें कि कमिंस से जब एक महीने पहले ब्रिस्बेन में पूछा गया था कि जब उनसे पूछा गया कि क्या एशेज की शुरुआत में उनके नहीं खेलने की संभावना है। इस पर उन्होंने कहा था कि यह बहुत बुरा होगा। हम इसके लिए हर संभव कोशिश करेंगे और कुछ फैसले भी जल्दबाजी में लेंगे, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि हम रिहैबिलिटेशन सही तरीके से करेंगे और पूरी कोशिश करेंगे।