
नेपियर : भारत का आस्ट्रेलियाई सीरीज काफी सफल रहा था। टी-20 सीरीज बराबर कराने के बाद टेस्ट तथा वनडे सीरीज दोनों 2-1 से भारत जीती। बता दें कि इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि भारत ने कंगारुओं को उनके घर में टेस्ट और वनडे सीरीज में मात दी है। इसलिए भारतीय प्रशंसकों की नजर अब न्यूजीलैंड में होने वाले वनडे और टी-20 सीरीज पर लगी है। उन्हें और क्रिकेट पंडितों को उम्मीद है कि हम न्यूजीलैंड फतह करके लौटेंगे। भारतीय टीम पांच वनडे और 3 टी-20 सीरीज के लिए न्यूजीलैंड पहुंच चुकी है और पांच मैचों की वनडे सीरीज का पहला मैच नेपियर के मैक्लेन पार्क मैदान पर बुधवार को खेला जाएगा। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत के लिए आस्ट्रेलिया सीरीज से जितना आसान नहीं होने जा रहा है। इसका कारण यह है कि किवी टीम अपने घर में हमेशा से खतरनाक टीम मानी जाती है और दूसरे इस वक्त छोटे फॉर्मेट में उसकी टीम बॉलिंग और बैटिंग दोनों लिहाज से काफी संतुलित है। इसके अलावा एक कारण यह भी है कि यहां के मैदान छोटे हैं और इस मैदान पर भारतीय स्पिनर्स के लिए गेंदबाजी चुनौती बन सकती है।
शीर्ष क्रम है भारत की ताकत
हालांकि छोटे मैदान का फायदा भारतीय बल्लेबाजों को भी मिलेगा। भारत का शीर्षक्रम किसी भी मैदान पर स्कोर करने में सक्षम हैं। यह भी उम्मीद की जा रही है कि छोटे मैदान होने के कारण यहां के सारे मैच हाई स्कोरिंग होंगे। इस वजह से भारतीय गेंदबाजों को संयमित रहना होगा और अपने लाइन लेंथ पर काम करना होगा। बुमराह के न होने से यह जिम्मेदारी आगे आकर भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी को उठानी होगी। जहां तक बल्लेबाजी की बात है तो भारतीय शीर्ष क्रम टीम इंडिया की ताकत है। रोहित शर्मा और आइसीसी अवार्ड में तहलका मचाने वाले कप्तान विराट कोहली जबरदस्त फॉर्म में हैं। दूसरे सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने हालांकि आस्ट्रेलिया सीरीज में ज्यादा रन नहीं बनाए हैं, लेकिन वह लय में दिख रहे हैं।
धोनी के फॉर्म में आने से मध्यक्रम की चिंता भी हुई दूर
अभी तक मध्यक्रम भारत के लिए चिंता का कारण बना हुआ था। शीर्ष क्रम की अच्छी शुरुआत का फायदा मध्यक्रम नहीं उठा पा रहा था, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी और केदार जाधव के फॉर्म में लौट आने से अब अचानक से यह भी दमदार दिखने लगी है। आस्ट्रेलिया में वनडे सीरीज में भारत की जीत की अहम वजह महेंद्र सिंह धोनी बने। उन्होंने तीन वनडे मैच की सीरीज के तीनों मैच में अर्धशतक जमाया और दो बार उन्होंने मैच जिताऊ नाबाद पारी खेली। अगर धोनी का यही फॉर्म बरकरार रहा तो भारत का दावा मजबूत रहेगा।
कमोबेश आस्ट्रेलिया सीरीज वाली ही टीम उतारेगी टीम इंडिया
भारत ने मेलबर्न में जो टीम उतारी थी, उसमें ज्यादा से ज्यादा एक बदलाव की संभावना लग रही है। वह अपनी स्ट्रेटजी में बदलाव लाकर स्पिन आलराउंडर की तौर पर टीम में खेल रहे रविंद्र जडेजा की जगह युजवेंद्र चहल के साथ कुलदीप यादव को टीम में वापस ला सकता है। बता दें कि मेलबर्न में चहल ने छह विकेट लेकर आस्ट्रेलिया की कमर तोड़ दी थी। चहल से न्यूजीलैंड दौरे पर भी कुछ ऐसी ही उम्मीद रहेगी। उनके साथ्र लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे चाइनामैन कुलदीप यादव की सीरीज में अहम भूमिका रहेगी। रवींद्र जडेजा की भूमिका में तेज गेंदबाजी आलराउंडर विजय शंकर को दी जाएगी।
तेज गेंदबाजी की कमान भुवनेश्वर और शमी के हाथ
तेज गेंदबाजी की कमान भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी संभालेंगे। उनके कंधे पर यह जिम्मेदारी होगी कि वह न्यूजीलैंड की शुरुआत बिगाड़ कर मध्य ओवरों में अपने स्पिनरों के लिए मौका मुहैया करवाएं, ताकि उस दबाव का यह फायदा उठा सकें। इन दोनों ने आस्ट्रेलिया में भी यही काफी सफलतापूर्वक किया था। इसके अलावा आलराउंडर की हैसियत से हार्दिक पांडया की अनुपस्थिति में यह जिम्मेदारी मेलबर्न वनडे में विजय शंकर को मिली थी। हालांकि उन्हें उस मैच में बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था, लेकिन गेंद से उनका प्रदर्शन ठीक-ठाक ही रहा था। इस वजह से यह उम्मीद है कि न्यूजीलैंड दौरे पर उन्हें जडेजा पर वरीयता मिल सकती है। उनके होने से टीम में संतुलन भी बना रहेगा।
काफी संतुलित है किवी टीम
सीरीज जीतने के लिए भारत को अपना शत-प्रतिशत देना होगा। उसने अगर जरा-सी भी ढिलाई की तो भारत की मुश्किलें बढ़ सकती है। इसकी वजह यह है कि किवी टीम काफी संतुलित है। टॉम लाथम और ट्रेंट बोल्ट की वापसी से उसे और मजबूती मिली है। बोल्ट श्रीलंका के खिलाफ टी-20 में नहीं खेले थे। शीर्ष क्रम की बात की जाए तो कप्तान केन विलियम्सन, लाथम, मार्टिन गुप्टिल जैसे नाम हैं तो वहीं मध्यक्रम में रॉस टेलर हैं, जो इन दिनों जबरदस्त फॉर्म में हैं। इसके अलावा मध्यक्रम को मजबूती देने के लिए कोलिन मुनरो भी हैं।
गेंदबाजी भी शानदार
अगर सिर्फ न्यूजीलैंड की गेंदबाजी की बात करें तो बोल्ट और टिम साउदी की तेज जोड़ी भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने में पूरी तरह सक्षम है। वहीं अपने घर में मिशेल सेंटनर फिरकी किसी के लिए भी सिरदर्द बन सकती है। हालांकि चोट के बाद सेंटनर वापसी कर रहे हैं तो यह बात मायने रखती है कि वह कितने लय में हैं। लेकिन वह इससे पहले श्रीलंका के खिलाफ टी-20 मैच खेल चुके हैं और उस एक टी-20 मैच में वह पूरी लय में दिखे थे।
दोनों टीमें इस प्रकार हैं :
भारत : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उप-कप्तान), महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), केदार जाधव, अंबाती रायडू, शिखर धवन, दिनेश कार्तिक, शुभमान गिल, विजय शंकर, खलील अहमद, युजवेंद्र चहल, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज।
न्यूजीलैंड : केन विलियम्सन (कप्तान), ट्रेंट बोल्ट, डग ब्रेसवेल, कोलिन डी ग्रांडहोम, लॉकी फर्ग्यूसन, मार्टिन गुप्टिल, मैट हेनरी, टॉम लाथम (विकेटकीपर), कोलिन मुनरो, हेनरी निकोलस, मिशेल सेंटनर, ईश सोढ़ी, टिम साउदी, रॉस टेलर।