Punjab Wheelchair Cricketer Vikram Dies: मध्य प्रदेश एक टी10 चैंपियनशिप में हिस्सा लेने जा रहे पंजाब के 39 वर्षीय व्हीलचेयर क्रिकेटर विक्रम की बुधवार को ट्रेन में हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस खबर के बाद क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। व्हीलचेयर क्रिकेट इंडिया के अध्यक्ष व्यक्त की संवेदना तो भारतीय टीम के कप्तान बोले, हमने विक्रम को खो दिया।
Punjab Wheelchair Cricketer Vikram Dies: पंजाब व्हीलचेयर क्रिकेट टीम 5 जून से ग्वालियर में मध्य प्रदेश व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से आयोजित 7वीं श्रीमंत माधवराव सिंधिया मेमोरियल टी10 चैंपियनशिप में हिस्सा लेने जा रही थी। इसमें 39 वर्षीय क्रिकेटर विक्रम भी शामिल थे। इस क्रिकेटर ने ट्रेन के दिल्ली से गुजरने के दौरान बेचैनी की शिकायत की थी। बाद में उनकी तबीयत बिगड़ गई और मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर रेलवे अधिकारियों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। व्हीलचेयर क्रिकेट इंडिया के अध्यक्ष ने विक्रम के निधन पर दुख व्यक्त किया है। वहीं, भारतीय टीम के कप्तान सोमजीत सिंह गौर ने कहा कि हमने विक्रम को खो दिया।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के कप्तान सोमजीत सिंह गौर ने बताया कि 2020 में विक्रम को बांग्लादेश सीरीज़ के लिए भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में चुना गया था, लेकिन वह सीरीज कोविड-19 के चलते रद्द हो गई। यही एकमात्र समय था, जब वह भारत के लिए खेलने के अपने सपने को साकार करने के करीब थे। बाद में वह अंतर-क्षेत्रीय और अन्य राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में खेले। दुर्भाग्य से हमने विक्रम को खो दिया।
पंजाब के मलेरकोटला जिले के अहमदगढ़ के पास पोहिर गांव के रहने वाले विक्रम ने पिछले दशक में व्हीलचेयर क्रिकेट खेलना शुरू किया था। भारत में दिव्यांग क्रिकेट के चार संघ - व्हीलचेयर क्रिकेट इंडिया, इंडियन डेफ क्रिकेट एसोसिएशन, फिजिकली चैलेंज्ड क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया और क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया हैं, जो एक छत्र निकाय डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया के अंतर्गत आते हैं। बीसीसीआई सचिव जय शाह के मार्गदर्शन में 2021 में विक्रम जैसे खिलाड़ियों को भारत में व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिला।
विक्रम के साथी राजा ने मथुरा से फोन पर बताया कि विक्रम ने पिछले साल श्रीमंत माधवराव सिंधिया मेमोरियल टी10 चैंपियनशिप में पंजाब टीम को खिताब जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह इस संस्करण में खेलने को लेकर भी उत्साहित था। जब हमारी ट्रेन दिल्ली से गुजर रही थी तो उसने तेज सिरदर्द की शिकायत की और बहुत पसीना आ रहा था। हमने ट्रेन में रेलवे जीआरपी कर्मियों को सूचित किया। उन्होंने हमें बताया कि मथुरा स्टेशन पर डॉक्टर उपलब्ध होंगे। विक्रम सो गया। बाद में, ट्रेन मथुरा स्टेशन से आगे एक घंटे से अधिक समय तक इंतजार करती रही और हमने विक्रम को खो दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया के सचिव रवि चौहान ने बताया कि उन्हें विक्रम के निधन की सूचना मिली है। चौहान ने कहा कि व्हील चेयर क्रिकेट इंडिया द्वारा डीसीसीआई के तहत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित किए जाते हैं, लेकिन कई अन्य टूर्नामेंट राज्य संघों द्वारा भी आयोजित किए जाते हैं। यह एक ऐसा ही टूर्नामेंट था और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमने एक मूल्यवान खिलाड़ी खो दिया।
व्हीलचेयर क्रिकेट इंडिया के अध्यक्ष और डीसीसीआई के संयुक्त सचिव स्क्वाड्रन लीडर (सेवानिवृत्त) अभय प्रताप सिंह ने भी विक्रम के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि व्हीलचेयर क्रिकेट इंडिया के पंजाब चैप्टर को अभी नया सदस्य मिलना बाकी है, लेकिन खिलाड़ियों ने पंजाब की टीम बनाई, जो श्रीमंत माधवराव सिंधिया मेमोरियल टी-10 चैंपियनशिप में भाग लेने जा रही थी।
जब हमें विक्रम के निधन की खबर मिली, तो हमने मथुरा में अपने स्वयंसेवकों और अधिकारियों को खिलाड़ियों की सहायता करने के लिए सूचित किया। हम देखेंगे कि हम विक्रम के लिए क्या कर सकते हैं और डीसीसीआई से भी सलाह लेंगे। किसी भी टूर्नामेंट से पहले हर खिलाड़ी की मेडिकल जांच होती है और यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि ग्वालियर पहुंचने से पहले ही विक्रम की स्वास्थ्य स्थिति सामने आ गई और उसे बचाया नहीं जा सका।