Rahul Dravid Birthday: राहुल द्रविड़ आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। तकनीक और बेमिसाल क्लास के इस जादूगर ने भारतीय क्रिकेट पर गहरी छाप छोड़ी है। आज हम उनके बथर्डे पर उनकी कुछ यादगार पारियों पर एक नजर डालते हैं।
Rahul Dravid Birthday: भारत के सबसे सम्मानित क्रिकेटरों में से एक 'द वॉल' के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ आज 11 जनवरी को अपना 53वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं। इंदौर में जन्मे द्रविड़ को भारतीय क्रिकेट में अनुशासन और शांत स्वभाव के लिए जाना जाता है। टेस्ट क्रिकेट में रक्षात्मक तकनीक के लिए 'द वॉल' नाम दिया गया। उन्होंने भारत के लिए 164 टेस्ट खेले, जिसमें 36 शतकों के साथ 13,288 रन बनाए। इतना ही नहीं उन्होंने वनडे में भी शानदार प्रदर्शन किया, उन्होंने 344 एकदिवसीय मैचों में 10,889 रन बनाए। हालांकि वह सिर्फ एक T20I ही खेल सके। 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में द्रविड़ ने समित पटेल की गेंदों पर लगातार तीन छक्के जड़े थे। आइये आज उनके जन्मदिन पर उनकी कुछ यादगार पारियों पर एक नजर डालते हैं।
न्यूजीलैंड के खिलाफ 2003 की वनडे ट्राई-सीरीज के एक मैच में द्रविड़ अपने अंदाज से एकदम अलग नजर आए। जब उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों पर नाबाद अर्धशतक जड़कर गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं।
रणजी ट्रॉफी में कर्नाटक के लिए हजारों रन बनाने के बाद द्रविड़ ने लॉर्ड्स में भारत के लिए अपने टेस्ट डेब्यू पर 95 रनों की सबसे खूबसूरत और तकनीकी रूप से सटीक पारी खेलकर जश्न मनाया।
जनवरी 1997 में दक्षिण अफ्रीका के मुश्किल दौरे पर अपना पहला टेस्ट शतक लगाया। जोहान्सबर्ग में द्रविड़ ने शानदार 148 रन बनाए। इसके बाद दूसरी पारी में शानदार 81 रन बनाते हुए भारत के लिए एक ऐतिहासिक विदेशी जीत की नींव रखी, लेकिन बारिश ने खेल बिगाड़ दिया।
द्रविड़ ने खराब फॉर्म के दौर से उबरते हुए वीवीएस लक्ष्मण के साथ एक शानदार पार्टनरशिप में 180 रन बनाए, जिसने 2001 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ताकतवर ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ भारत की किस्मत बदलने में मदद की।
2002 में द्रविड़ ने कैंडी में श्रीलंका के खिलाफ एक मुश्किल रन-चेज में 75 रनों की शानदार पारी खेलकर अपनी टीम को एक प्रभावशाली टेस्ट जीत दिलाने में मदद की।
2002 में ही द्रविड़ ने अपने मजबूत डिफेंस और बेजोड़ एलिगेंस का प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के खिलाफ 148 रन की पारी खेली। एक हरी सीमिंग पिच पर हेडिंग्ले में जीत में वह एक महत्वपूर्ण शतक रहा।
द्रविड़ ने एडिलेड में 233 रनों की मैराथन पारी खेलकर 1999-2000 के ऑस्ट्रेलियाई दौरे की बुरी यादों को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने भारत की सबसे यादगार विदेशी जीतों में से एक में 72* रनों की शानदार पारी खेलकर इसे और भी खास बनाया।
2004 में द्रविड़ ने रावलपिंडी में सीरीज तय करने वाले मैच में भारत के लिए अपना सबसे बड़ा टेस्ट मैच स्कोर बनाया। इस दिग्गज खिलाड़ी ने पाकिस्तान में भारत को ऐतिहासिक 2-1 से सीरीज जीत दिलाई।
एक लिमिटेड-ओवर्स प्लेयर के तौर पर अपने शानदार बदलाव का प्रदर्शन करते हुए, द्रविड़ ने टॉनटन में वर्ल्ड कप के एक मैच में श्रीलंकाई शेरों की धुनाई की।
2011 में द्रविड़ ने लॉर्ड्स में अपने आखिरी मैच में नाबाद 103 रनों की पारी खेली थी। बतौंर भारतीय फैंस ये उनकी पारियों में सबसे यादगार पलों में से एक है।