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रणजी ट्रॉफी फाइनल में बीच मैदान मारपीट! J&K के कप्तान के हेडबट मारने से मच गई अफरा-तफरी, केएल राहुल भी कूदे लड़ाई में

Ranji Trophy final controversy: जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक के बीच रणजी ट्रॉफी फाइनल में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब स्लेजिंग से परेशान पारस डोगरा अपना आपा खो बैठे और कर्नाटक के एक फील्डर को हेडबट मार दिया। इसके बाद मयंक अग्रवाल और केएल राहुल ने डोगरा को जमकर गालियां दीं।

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Feb 25, 2026
कर्नाटक के फिल्‍डर को हैडबट मारते जम्‍मू-कश्‍मीर के कप्‍तान पारस डोगरा। (फोटो सोर्स: वीडियो स्‍क्रीन शॉट)

Ranji Trophy final controversy: जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक के बीच हुबली क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी फाइनल में बुधवार को दूसरे दिन उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जब जेएंडके के कप्तान पारस डोगरा अपना आपा खो बैठे और विरोधी फील्डर को हेडबट मार दिया। यह घटना कश्‍मीर की पारी के 101वें ओवर में हुई, जब डोगरा और कन्हैया वधावन एक अच्छी पार्टनरशिप कर रहे थे, जिससे जेएंडके बड़ी बढ़त की ओर बढ़ रही थी।

डोगरा ने हेलमेट से टक्‍कर मारी

दरअसल, प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर डोगरा ने किनारा करके चौका मारा, जिसके बाद पारस और फॉरवर्ड शॉर्ट लेग पर सब्स्टीट्यूट फील्डर केवी अनीश के बीच कुछ कहा-सुनी हुई। डोगरा सीधे अनीश पर झपटे और अपने हेलमेट से उन्हें टक्‍कर मारी। इसके बाद मयंक अग्रवाल ने बीच-बचाव किया। माना जा रहा है कि अनीश की लगातार स्लेजिंग से डोगरा भड़क गए।

मयंक अग्रवाल और केएल राहुल ने डोगरा को दी जमकर गालियां

बात बढ़ती गई और अंपायरों को बीच-बचाव करना पड़ा। ओवर के तुरंत बाद डोगरा ने माफी मांगी, लेकिन अनीश को यह बिल्कुल पसंद नहीं आया और उन्होंने साफ मना कर दिया। इसके बाद पास में फील्डिंग कर रहे मयंक अग्रवाल और केएल राहुल ने डोगरा को जमकर गालियां दीं और लगातार उन पर चिल्लाते रहे। बता दें कि इससे पहले, पहले दिन विजयकुमार की एक उछलती हुई बाउंसर डोगरा के ग्लव पर लगी थी, जिससे उन्हें पहले दिन 48 गेंदों पर 9 रन बनाकर रिटायर हर्ट होना पड़ा। फिलहाल डोगरा अर्धशतक बनाकर खेल रहे हैं।

एक और तीखी नोकझोंक

इतने पर ही सब नहीं रुका, इसके तुरंत बाद एक और घटना हुई। इस बार पेसर विजयकुमार व्यशक और वधावन के बीच। जैसे ही बैट्समैन सिंगल लेने के लिए दौड़ा, सिंगल लेने के रास्ते में उसकी बाईं कोहनी पेसर से टकरा गई। दोनों खिलाड़ी आमने-सामने आ गए। इससे पहले कि बात बढ़ती अंपायर और उनके एक टीममेट ने व्यशक को धक्का देकर हटा दिया। इस बीच दूसरी तरफ डोगरा ने एक अजीब सी मुस्कान दी।

कमेंटेटर ने कहा कि यह एक वधावन है, क्योंकि व्यशक अपनी जगह से नहीं हिला। नहीं, नियम यह है कि व्यशक अपने फॉलो-थ्रू में अपनी जगह पर रहेगा और बैटर को अपना रास्ता बदलना होगा।

डोगरा ने 10 हजार का आंकड़ा पार किया

41 साल के डोगरा रणजी ट्रॉफी के इतिहास में 10,000 रन पूरे करने वाले सिर्फ दूसरे खिलाड़ी हैं। उन्होंने बंगाल के खिलाफ सेमीफाइनल में यह मुकाम हासिल किया। डोगरा घरेलू क्रिकेट के अनुभवी और बड़े खिलाड़ी हैं, जो अब अपना 27वां रणजी ट्रॉफी सीजन खेल रहे हैं।

अर्धशतक बनाकर खेल रहे पारस डोगरा

बता दें कि रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जम्‍मू-कश्‍मीर ने पहले बल्‍लेबाजी करते हुए पांच विकेट के नुकसान पर 450 से अधिक रन बना लिए हैं। जम्‍मू-कश्‍मीर के लिए शुभम पुंडीर ने 121 रन, यावर हसन ने 88, अब्दुल समद ने 61 रन और कन्‍हैया वधावन ने 70 रन बनाए हैं। जबकि पारस डोगरा 68 तो साहिल लोत्रा 26 रन पर नाबाद हैं।

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