रवि शास्त्री का मानना है कि टी20 प्रारूप केवल विश्व कप तक ही सीमित होना चाहिए, जिससे आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए अधिक समय मिल सके, क्योंकि द्विपक्षीय सीरीज किसी को याद नहीं रहती।
Ravi Shastri on T20 cricket: भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कोच रवि शास्त्री ने टी20 क्रिकेट को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। शास्त्री का मानना है कि टी20 में इंटरनेशनल टीमों के बीच द्विपक्षीय सीरीज बंद कर देनी चाहिए क्योंकि इन्हें कोई याद नहीं रखता। शास्त्री ने कहा कि इसे फुटबॉल की तरह 2 साल में एक बार खेला जाना चाहिए। बाकी खिलाड़ी फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेल सकते हैं।
रवि शास्त्री का मानना है कि टी20 प्रारूप केवल विश्व कप तक ही सीमित होना चाहिए, जिससे आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए अधिक समय मिल सके, क्योंकि द्विपक्षीय सीरीज किसी को याद नहीं रहती। 2021 टी20 विश्व कप के लिए भारत के कोच रहे चुके शास्त्री ने कहा कि टी20 की द्विपक्षीय सीरीज किसी को याद नहीं रहती। शास्त्री ने ईएसपीएन क्रिकइंफो के रनऑर्डर कार्यक्रम पर कहा, "हां, बिल्कुल टी20 क्रिकेट में बहुत अधिक द्विपक्षीय सीरीज चल रही हैं।"
उन्होंने कहा, "जब मैं भारत का कोच था, तब मैंने कहा था कि मैं द्विपक्षीय सीरीज को ज्यादा होते देख रहा हूं। इसे फुटबॉल की तरह कर देना चाहिए, जहां टी20 क्रिकेट में आप सिर्फ विश्व कप खेलते हैं। द्विपक्षीय टूर्नामेंट किसी को याद नहीं रहता है।" शास्त्री ने कहा, "मुझे विश्व कप को छोड़कर भारत के कोच के रूप में पिछले छह-सात वर्षों में एक भी द्विपक्षीय सीरीज याद नहीं है। एक टीम विश्व कप जीतती है, वे इसे याद रखती है। आप दुनिया भर में फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलते हैं। प्रत्येक देश को अपने फ्रेंचाइजी क्रिकेट की अनुमति है, जो कि उनका घरेलू क्रिकेट है और फिर हर दो साल में आप एक विश्व कप खेलते हैं।"
इतना ही नहीं शास्त्री ने कहा आने वाले समय में आईपीएल के एक साल में सो संस्कारण देखने को भी मिल सकते है। उन्होंने कहा कि क्या पाता आने वाले समय में 70-70 मैचों के दो सीजन खेले जाये। आप सोच सकते हो कि यह ‘ओवरडोज’ है, लेकिन भारत में कुछ भी 'ओवरडोज' नहीं है। मैं बायो-बबल के बाहर लोगों को देख चुका हूं, कोरोना से बाहर आने के बाद पिछले कुछ महीनों में लोगों ने किस तरह इसकी समीक्षा की है और वे इसके हर पल का लुत्फ उठा रहे हैं और इसके खत्म होने पर उन्हें निराशा भी हो रही है।