अश्विन ने कहा कि हर खिलाड़ी को यह अधिकार है कि वह फ्रेंचाइजी के सामने अपनी इच्छा जाहिर करे कि उसे रिटेन किया जाए या नहीं। हालांकि, उन्होंने उन खबरों को खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि वह और राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन फ्रेंचाइजी छोड़ने की योजना बना रहे हैं।
Ravichandran Ashwin breaks silence on Leaving CSK: भारतीय दिग्गज ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। अश्विन मेगा ऑक्शन में 9.75 करोड़ में बिके और अपनी पहली फ्रेंचाईजी चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) में वापस चले गए। लेकिन यह सीजन उनके लिए निराशाजनक रहा और उन्होंने नौ मुकाबलों में 40.43 की औसत से केवल सात विकेट हासिल किए। बल्ले से भी उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और उन्होंने सिर्फ 33 रन बनाए।
अश्विन के इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उनके भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएसके आईपीएल 2026 से पहले अश्विन को रिलीज कर सकती है। अब इसको लेकर पहली बार अशीन ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने बताया कि राजस्थान रॉयल्स (RR) के साथ उनके तीन साल के कार्यकाल के दौरान फ्रेंचाइजी ने उनके साथ अपनी योजनाओं को लेकर पारदर्शिता बरती। अश्विन ने कहा, "पहले साल के बाद मुझे सीईओ का एक ईमेल मिला जिसमें मेरे प्रदर्शन, फ्रेंचाइजी की अपेक्षाओं और अनुबंध नवीनीकरण की बात थी। हर सीजन के बाद फ्रेंचाइजी की जिम्मेदारी होती है कि वह खिलाड़ी को यह बताए कि उसे रिटेन किया जा रहा है या रिलीज।"
अश्विन ने यह भी जोड़ा कि हर खिलाड़ी को यह अधिकार है कि वह फ्रेंचाइजी के सामने अपनी इच्छा जाहिर करे कि उसे रिटेन किया जाए या नहीं। हालांकि, उन्होंने उन खबरों को खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि वह और राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन फ्रेंचाइजी छोड़ने की योजना बना रहे हैं। अश्विन ने स्पष्ट किया, "मेरे या संजू को लेकर जो खबरें आ रही हैं, वे खिलाड़ियों की तरफ से नहीं हैं। शायद यह अफवाहें फ्रेंचाइजी की तरफ से आ रही हों, लेकिन मुझे नहीं पता इन्हें कौन फैला रहा है।"
अश्विन ने आगे कहा, "मैंने सीएसके से अपने रोल के बारे में सफाई मांगी है। संजू के बारे में मुझे नहीं पता कि यह अफवाह कहां से उड़ रही है।' बता दें अश्विन टूर्नामेंट के 5वें टॉप विकेट टेकर हैं। उनके नाम 221 मुकाबलों में 187 विकेट हैं। पिछले साल अश्विन फिर चेन्नई का हिस्सा बन गए। हालांकि, उन्होंने 9.12 रन प्रति ओवर की खराब इकोनॉमी से गेंदबाजी की। पहली बार ही उन्होंने एक सीजन में 8.50 से ज्यादा की इकोनॉमी से रन खर्च किए।