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मजबूरी में RCB ने रजत पाटीदार को किया था शामिल, ऑक्शन में किया था इग्रोर, लेकिन एक हादसे ने बदल दी कहानी

Rajat Patidar Struggle Story: रजत पाटीदार की कहानी संघर्ष से सफलता तक का शानदार उदाहरण बन गई है। आईपीएल 2022 ऑक्शन में अनसोल्ड रहने वाले पाटीदार ने आरसीबी में मौका मिलने के बाद खुद को साबित किया और फिर कप्तान बनकर टीम को लगातार दो आईपीएल खिताब जिताए।

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Jun 02, 2026
rajat patidar with ipl trophy
आईपीएल ट्रॉफी के साथ रजत पाटीदार (फोटो- IANS)

IPL 2026 Winning Captain Rajat Patidar: रजत पाटीदार की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। एक समय उन्हें ऑक्शन में किसी ने खरीदा तक नहीं था। लेकिन आरसीबी के साथ एक ऐसा हादसा हुआ, जिसकी वजह से रजत पाटीदार के पास उस समय के आरसीबी कोच माइक हेसन का फोन आया और फिर धीरे धीरे सब कुछ बदल गया।

2022 में RCB के लवनीत सिसोदिया चोटिल हो गए। उन्हें रिप्लेस करने के लिए रजत पाटीदार को याद किया गया। कोच ने पाटीदार को फोन किया और वहीं से टीम का कायापलट शुरू हो गई। जिस खिलाड़ी को ऑक्शन में बेंगलुरु की टीम ने भाव तक नहीं दिया, उसे मजबूरी में टीम से जुड़ने का ऑफर दिया गया। शुरुआत में रजत ने इस ऑफर को ठुकराने का मन बना लिया था। लेकिन परिवार के समझाने के बाद पाटीदार ने RCB ज्वाइन कर लिया।

शतक के बाद बदली पाटीदार की कहानी

यही फैसला उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बन गया। आरसीबी से जुड़ने के बाद रजत पाटीदार ने खुद को साबित करने में बिल्कुल भी समय नहीं लगाया। उन्हें मौका मिला और उन्होंने हर मौके को दोनों हाथों से पकड़ा। आठ मुकाबलों में 333 रन बनाकर उन्होंने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। सबसे बड़ी पारी एलिमिनेटर मुकाबले में आई, जब उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ सिर्फ 54 गेंदों में नाबाद 112 रन ठोक दिए।

उस पारी ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। वह आईपीएल प्लेऑफ में शतक लगाने वाले पहले अनकैप्ड खिलाड़ी भी बने। जिस खिलाड़ी को कुछ महीने पहले कोई खरीददार नहीं मिला था, वही अब आरसीबी की सबसे बड़ी ताकत बन चुका था। हालांकि आईपीएल 2023 से पहले चोट ने उन्हें फिर से झटका दिया और पूरे सीजन बाहर बैठने पर मजबूर किया।

भारत के लिए खेल पाए सिर्फ 1 वनडे

रजत पाटीदार ने हार नहीं मानी। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन कर आत्मविश्वास हासिल की। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टीम में मौका मिला। साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे डेब्यू किया और फिर इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट कैप भी हासिल की। हालांकि टीम इंडिया में वह ज्यादा दिन नहीं टिक पाए। वह टीम इंडिया के लिए सिर्फ 3 टेस्ट और एक वनडे मैच खेल पाए।

आईपीएल 2024 में रजत पाटीदार का बल्ला फिर जमकर बोला। उन्होंने 15 मैचों में 395 रन बनाए और खासकर स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ जिस अंदाज में छक्के लगाए, उसने क्रिकेट फैंस की जमकर वाहवाही लूटी। उनकी इस प्रतिभा को देखते हुए आरसीबी मैनेजमेंट ने टीम का लीडर भी बनाने का फैसला किया।

2025 में फाफ डु प्लेसी को RCB ने रिलीज किया और रजत पाटीदार को कप्तानी सौंप दी गई। इसकी वजह ये भी थी कि विराट कोहली सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर खेलने का मन बना चुके थे। पाटीदार ने टीम का भरोसा नहीं टूटने दिया और कप्तानी करते हुए पहली ही सीजन में इतिहास रच दिया। जो टीम 17 साल से अपने सपने को टूटते हुए देख रही थी, उसे पाटीदार की लीडरशिप में चैंपियन बनने का मौका मिला। पाटीदार की कप्तानी में RCB ने इस सीजन भी कारनामा किया और लगातार दूसरी बार खिताब जीता।

सबसे सफल युवा कप्तान

वह लीग के पहले ऐसे कप्तान बन गए जिन्होंने कप्तानी के शुरुआती दो सीजन में लगातार दो बार टीम को चैंपियन बनाया। जिस खिलाड़ी को कभी कोई खरीददार नहीं मिला था, आज वही आईपीएल इतिहास का सबसे सफल युवा कप्तान बन चुका है।