
India U19 Cricket Age Discrepancy: क्रिकेट में उम्र से जुड़ी गड़बड़ी अब खिलाड़ियों के लिए भारी पड़ रही है। लेग-स्पिनर रोहित यादव इसका ताजा उदाहरण हैं। उम्र के रिकॉर्ड में अंतर मिलने के बाद उन पर दो साल का बैन लगाया गया है। उन्हें इंडिया अंडर-19 टीम से भी बाहर कर दिया गया है। इसके बाद ‘क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल’ यानी CAB ने अपना रुख साफ कर दिया है। अब खिलाड़ियों के उम्र संबंधी दस्तावेजों की जांच और सख्त होगी।
रोहित यादव को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली इंडिया अंडर-19 सीरीज के लिए टीम में जगह मिली थी। यह सीरीज राजकोट और अहमदाबाद में खेली जानी है। लेकिन टीम में शामिल होने के बाद उनके दस्तावेजों की जांच हुई। CAB के रूटीन वेरिफिकेशन में कुछ असंगतियां मिलीं। इसके बाद मामले की जानकारी BCCI को दी गई। BCCI ने भी दस्तावेजों की जांच की। जांच पूरी होने के बाद यादव को टीम से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह दूसरे खिलाड़ी को टीम में शामिल किया गया है। हालांकि, रिप्लेसमेंट खिलाड़ी का नाम सामने नहीं आया है।
बता दें रोहित यादव इससे पहले जुलाई में श्रीलंका दौरे पर इंडिया अंडर-19 टीम का हिस्सा थे। उन्होंने यूथ टेस्ट में छह विकेट भी लिए थे। लेकिन दस्तावेजों की जांच के बाद उनका मामला गंभीर हो गया।
जांच में उनके जन्म से जुड़े अलग-अलग रिकॉर्ड सामने आए। 2014 से 2021 के बीच आधार रिकॉर्ड में अलग-अलग अपडेट मिले। तीन अलग-अलग बर्थ सर्टिफिकेट में जन्म का साल 2006, 2007 और 2009 दर्ज था। इससे उनकी आधिकारिक उम्र में करीब 27 महीने का अंतर सामने आया।
रोहित यादव का मामला अकेला नहीं है। CAB ने उम्र और दस्तावेजों से जुड़ी गड़बड़ियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। CAB ने कुल 65 खिलाड़ियों को कार्रवाई के दायरे में रखा है। इन खिलाड़ियों को 2026-27 और 2027-28 के घरेलू सीजन में रजिस्ट्रेशन या ट्रांसफर से रोका गया है। CAB अब उम्र की जांच के लिए ज्यादा सख्त प्रक्रिया अपनाने की तैयारी में है। खास तौर पर जूनियर क्रिकेट में दस्तावेजों की दोबारा जांच पर जोर दिया जा रहा है।
BCCI की नीति के तहत डिजिटल बर्थ सर्टिफिकेट और रिकॉर्ड की अपडेट हिस्ट्री भी देखी जा रही है। CAB का कहना है कि जांच के दौरान कई खिलाड़ियों के रिकॉर्ड में अंतर मिला।
कार्रवाई की सूची में पूर्व इंडिया अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता रवि कुमार का नाम भी शामिल है। रवि ने 2022 अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की थी। उन्होंने 4 विकेट लेकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, CAB के रिकॉर्ड में उनकी उम्र को लेकर करीब 45 महीने का अंतर बताया गया है। इसके चलते 2021-22 से 2025-26 तक के उनके एज-ग्रुप पार्टिसिपेशन रिकॉर्ड को अमान्य माना जाएगा। बंगाल के लिए फर्स्ट-क्लास और लिस्ट-A क्रिकेट खेल चुके विशाल भट्टी का नाम भी जांच में आया है।
CAB ने साफ कर दिया है कि उम्र से जुड़ी गड़बड़ियों पर सख्त रुख जारी रहेगा। बोर्ड की जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत अब दस्तावेजों की जांच पहले से ज्यादा कड़ी होगी। इसका सीधा असर उन खिलाड़ियों पर पड़ेगा, जो उम्र संबंधी गलत जानकारी देकर एज-ग्रुप क्रिकेट में जगह बनाने की कोशिश करते हैं।