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Teachers Day पर इमोशनल हुए सचिन तेंदुलकर, बोले- पिता ही वो शख्‍स थे, जिन्‍होंने मुझे महान क्रिकेटर बनाया

Sachin Tendulkar gets emotional: महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने टीचर्स डे पर पिता रमेश तेंदुलकर की सीख को याद करते हुए एक खास मैसेज लिखा है। सचिन ने लिखा कि उनके पिता पहले इंसान थे, जिन्होंने क्रिकेट के लिए उनके पैशन को पहचाना और उन्हें सपने पूरे करने की आजादी दी।
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Sep 05, 2026
Sachin Tendulkar on Teachers Day
Sachin Tendulkar (File Photo: IANS)

Sachin Tendulkar on Teachers Day: क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने शनिवार को टीचर्स-डे पर अपने पिता रमेश तेंदुलकर को याद करते हुए उन्‍हें श्रद्धांजलि दी है। साथ ही अपनी यात्रा को दिशा देने वाले में उनके मार्गदर्शन और मूल्यों को याद करते हुए प्रोफेसर रमेश तेंदुलकर मेमोरियल फेलोशिप शुरू करने की घोषणा भी की। सचिन ने अपने एक्‍स अकाउंट पर पोस्‍ट में कहा कि उनके पिता पहले इंसान थे, जिन्होंने क्रिकेट के लिए उनके पैशन को पहचाना और उन्हें अपने सपने पूरे करने की आजादी दी।

'उन्हें कभी नहीं पता था कि यह सफर मुझे कहां ले जाएगा'

जब मैं उन लोगों के बारे में सोचता हूं, जिन्होंने मेरे सफर को बनाया, तो मैं क्रिकेट ग्राउंड या कोच से शुरू नहीं करता। मैं घर से शुरू करता हूं। मेरे परिवार के बाहर किसी को मेरा नाम जानने से बहुत पहले, मेरे पिता ने क्रिकेट के लिए मेरे प्यार को पहचानना शुरू कर दिया था और शायद इससे भी ज्‍यादा जरूरी, यह समझना शुरू कर दिया था कि मेरे लिए इसके क्‍या मायने हैं। उन्हें कभी नहीं पता था कि यह सफर मुझे कहां ले जाएगा। लेकिन, उन्होंने मुझे इसे आगे बढ़ाने की आजादी दी।

'फेल होना ठीक है, लेकिन चीटिंग नहीं'

सचिन ने अपने पिता की सीख को याद करते हुए कहा कि रमेश तेंदुलकर एक राइटर, पोएट और प्रोफेसर थे। वह हमेशा कैरेक्टर और ईमानदारी की इंपॉर्टेंस पर जोर देते थे। वे मेरे समेत कई लोगों के लिए एक मेंटर और गाइड से भी ज्‍यादा थे। उन्होंने मुझे क्रिकेट खेलने की आजादी दी और याद दिलाया कि सफलता कभी भी कैरेक्टर की कीमत पर नहीं मिलनी चाहिए। उन्‍होंने बचपन में मुझसे जो कुछ कहा था, वह जिंदगी भर मेरे साथ रहा। फेल होना ठीक है, लेकिन चीटिंग नहीं। कभी शॉर्टकट मत लो।

'एक महान टीचर या मेंटर यही करता है'

तेंदुलकर ने आगे बताया कि पिता का नजरिया एक सच्चे मेंटर की भूमिका दिखाता है, जो दूसरों में पोटेंशियल पहचानता है और उसे पाने के लिए जरूरी सपोर्ट देता है। मैं बस एक लड़का था, जिसे क्रिकेट खेलना पसंद था। मेरे पिता कुछ और देखते थे। उन्होंने यह तय करने की कोशिश नहीं की कि मुझे क्या बनना चाहिए। उन्होंने मुझे खुद इसे खोजने के लिए जगह और सपोर्ट दिया। कई मायनों में, एक महान टीचर या मेंटर यही करता है।

प्रोफेसर रमेश तेंदुलकर मेमोरियल फेलोशिप को लेकर कही ये बात

सचिन ने कहा कि हेल्थकेयर पार्टनर इंगा हेल्थ फाउंडेशन के साथ पार्टनरशिप में प्रोफेसर रमेश तेंदुलकर मेमोरियल फेलोशिप शुरू करते हुए मुझे खुशी हो रही है। इस पहल के तहत हर साल एक डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (MD) को श्रीनगर में क्लेफ्ट और क्रेनियोफेशियल केयर में एक साल के स्पेशलाइजेशन प्रोग्राम के लिए फाइनेंशियल मदद मिलेगी।

इसी विश्वास के साथ मैंने और अंजलि ने फाउंडेशन शुरू किया है। पूरे इंडिया में, ऐसे बच्चे हैं जिनमें बहुत पोटेंशियल है, जिन्हें शायद कभी इसे खोजने का मौका न मिले, क्योंकि उनके पास कोच, मेंटर, सीखने का सही माहौल या बेसिक हेल्थकेयर नहीं है। हमारा विजन है कि उन्हें स्पोर्ट्स, हेल्थकेयर और एजुकेशन तक बराबर पहुंच मिले, और यह साबित करने का मौका मिले कि वे इसके हकदार हैं।

Updated on:
05 Sept 2026 04:42 pm
Published on:
05 Sept 2026 04:42 pm