
Sairaj Bahutule on Kuldeep Yadav: गॉल में खेले गए दो टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने 165 रन से जीत दर्ज करते हुए 1-0 की अजेय बढ़त बना ली है। इस जीत में मानम सुथार और रवींद्र जडेजा ने अहम भूमिका निभाते हुए दोनों पारियों कुल 14 विकेट चटकाए थे। वहीं, स्पेशलिस्ट रिस्ट स्पिनर खेल रहे कुलदीप यादव सिर्फ एक विकेट ही ले पाए। इस प्रदर्शन के बाद उनके कोलंबो टेस्ट में खिलाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच भारत के स्पिन बॉलिंग कोच साईराज बहुतुले ने खराब प्रदर्शन के बावजूद कुलदीप का समर्थन किया है और कहा है कि वह कोलंबो टेस्ट से पहले टीम की योजनाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बने हुए हैं।
साईराज बहुतुले ने कोलंबो में सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में रिपोर्टरों से कहा कि वह बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहा है। गॉल में जो स्थिति पैदा हुई, उसमें उसे एक अलग भूमिका निभानी थी। वह हमेशा एक मैच विनर रहा है और वह निश्चित रूप से योजना में है। उन्होंने बताया कि कूकाबुरा बॉल के सॉफ्ट होने पर रिस्ट स्पिनर्स के लिए बड़ी चुनौती होती है, जबकि फिंगर स्पिनर्स अपनी पेस और ग्रिप को ज्यादा आसानी से एडजस्ट कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सभी स्पिनर्स सॉफ्ट बॉल से जूझ रहे हैं। लेकिन, फिंगर स्पिनर्स (लेफ्ट-आर्म या ऑफ-स्पिनर्स) के लिए यह आसान हो जाता है। लेग-स्पिनर के लिए यह उतना ही मुश्किल होता है, क्योंकि बॉल सॉफ्ट होती है, सीम बस नीचे चली जाती है। यह रिस्ट स्पिनर के लिए एक मुश्किल काम है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि एक गेम यह तय करता है कि वह कैसा परफॉर्म कर रहा है और कैसे अप्रोच कर रहा है। उसे बस इतना ही एडजस्ट करना था और उसने उस रोल में एडजस्ट करने की पूरी कोशिश की।
बहुतुले ने आगे कहा कि टेस्ट के दौरान पिच के स्लो होने पर कुलदीप को अपनी पेस और ट्रैजेक्टरी बदलते रहना पड़ा। हमें यह देखना था कि हर सेशन में ट्रैजेक्टरी या स्पीड कैसे काम करती है। जैसे-जैसे दिन बीतते गए और अलग-अलग तरह की स्पीड और अलग-अलग तरह की ट्रैजेक्टरी की डिमांड बढ़ती गई, वह पक्का वैसी बॉलिंग करने की कोशिश कर रहा था।