
Sanju Samson on Criticism: भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली गई T20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में संजू सैमसन ने धमाकेदार अर्धशतक की पारी खेली। उनके 22 गेंद में 57 रन की पारी की बदौलत टीम इंडिया ने 15 ओवर में ही 160 रन के लक्ष्य को हासिल कर लिया। सैमसन ने इस पारी में 7 चौके और चार छक्के लगाए। T20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद लगातार पांच पारियों में फ्लॉप होने के बाद संजू सैमसन के बल्ले से रन निकला है और अर्धशतक जड़ते ही संजू सैमसन ने अपने आलोचकों की बोलती बंद कर दी। इसके साथ उन्होंने बताया कि उन्हें किस बात का बुरा लगता है।
मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए संजू सैमसन ने कहा, "कुछ पूर्व क्रिकेटर अपनी सोच के हिसाब से बात करते हैं, इसमें वह कुछ भी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि मैं अपनी Wi-Fi बंद रखने की कोशिश करता हूं, लेकिन कभी-कभी Wi-Fi ऑन हो जाता है, जिससे कुछ कमेंट्स दिख जाते हैं। उन्होंने बताया कि मुझे लगता है कि यह उनकी पसंद है। कभी-कभी यह सोचने के तरीके पर निर्भर करता है कि वे किन शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। वह अच्छे या बुरे, किसी भी शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं।"
संजू सैमसन ने यह भी बताया कि वे अपने बारे में जब कुछ सुनते हैं तो उन्हें बुरा तो लगता है, लेकिन इन सब चीजों को संभालने के लिए वह काफी अनुभवी भी हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि मैं कोई रन मशीन या रोबोट नहीं हूं। थोड़ा बहुत असर तो पड़ता है, लेकिन मैं खुद से बात करने की कोशिश करता हूं और खुद को याद दिलाता हूं कि मैं कौन हूं और मुझे क्या करना है।
आपको बता दें कि T20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान भी कुछ मैचों के बाद ही संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप कर दिया गया था, लेकिन जब टीम इंडिया साउथ अफ्रीका से हारने के बाद टूर्नामेंट से बाहर होने के करीब पहुंची, तब एक बार फिर से उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। उन्होंने आखिरी तीन मुकाबलों में टीम इंडिया के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड कप जिताया, लेकिन उसके बाद से एक बार फिर से उनका बल्ला शांत रहा। इंग्लैंड दौरे पर दो मैचों में उनके बल्ले से रन नहीं निकले और फिर उन्हें प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप कर दिया गया। इसके बाद से जिंबॉब्वे दौरे की टीम में ही उन्हें जगह नहीं मिली। लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ उन्होंने फिर से प्लेइंग इलेवन में जगह बनाई, लेकिन पहले मुकाबले में फिर वह सिर्फ 10 रन बनाकर आउट हो गए।
संजू सैमसन ने भारत के लिए 11 साल में सिर्फ 68 मैच खेले हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्हें कितनी बार साइडलाइन किया गया है। हालांकि, रोहित शर्मा के संन्यास लेने के बाद लगातार उन्हें ओपनर के तौर पर टीम में शामिल किया जा रहा है और वह अब T20 के अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं।