Sanju Samson sacrifices hundred: संजू सैमसन ने मंगलवार को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ CSK की जीत में नाबाद 87 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। हालांकि उनके पास इस मैच में शतक बनाने का भी मौका था, लेकिन उन्होंने अपने शतक से ज्यादा टीम हित को आगे रखा।
Sanju Samson sacrifices hundred: आईपीएल 2026 के शुरुआती हाफ में लगातार हार के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के लिए लगभग खत्म ही लग रहा था, पांच बार की चैंपियन टीम ने पांच जीत के साथ शानदार वापसी की और प्लेऑफ की दौड़ में शामिल हो गई। इन पांच जीतों में से चार में संजू सैमसन ने बल्ले से अहम योगदान दिया। संजू ने मंगलवार रात दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ सीएसके के चेज में नाबाद 87 रनों की पारी खेली। उनके पास इस मैच में भी शतक लगाने का मौका था, लेकिन उन्होंने अपना स्वार्थ न देख टीम का हित देखा।
प्लेयर ऑफ द मैच रहे संजू से जब पूछा गया कि भीड़ आपको चेट्टा कह रही है, क्या आपको यह पसंद है? इस पर उन्होंने कहा कि हां, वे मुझे चेट्टा कह रहे हैं, लेकिन मुझे संजू ज्यादा पसंद है। अपने शॉट्स खेलने के लिए इतना समय इस पर उन्होंने कहा कि हम यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि आपके लिए क्या सच में अच्छा काम करता है और आप बेसिक्स पर टिके रहने की कोशिश करते हैं और इस फॉर्मेट में अपने हाथों पर भरोसा करते हैं। मैं पिछले दो-तीन महीनों से ऐसा करने की कोशिश कर रहा हूं। मैं अपने शुरुआती मूवमेंट पर थोड़ा काम कर रहा हूं और यह अच्छा हो रहा है।
क्रीज पर अपने ट्रिगर मूवमेंट को लेकर संजू ने कहा कि मैं पिछले तीन से पांच साल से ऐसा कर रहा हूं। मुझे लगता है कि आराम निश्चित रूप से आपके माइंडसेट और उस कॉन्फिडेंस में बहुत बड़ा रोल निभाता है, जिसके साथ आपको बैटिंग करनी होती है। फिर निश्चित रूप से यह एक टैक्टिकल मूव भी है। बॉलर्स और विकेट के हिसाब से मैं थोड़ा घूमने की कोशिश करता हूं।
उन्होंने आगे कहा कि मैं हमेशा शांत रहता हूं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब आप मुझे बीच में ज्यादा देख रहे हैं, तो मुझे लगता है कि यही वजह है। लोग कह रहे हैं कि वह बहुत शांत है। जब मैं बाहर बैठा होता हूं, तब भी मैं असल में बहुत शांत रहता हूं। जब मैं बैटिंग कर रहा होता हूं, थोड़ा ज्यादा हो रहा है, तो सब देख रहे हैं कि यार यह थोड़ा ज़्यादा शांत है।
क्या आज 100 तक पहुंचने की कोई इच्छा नहीं थी? इस पर उन्होंने कहा कि हां, थी, लेकिन मुझे लगा कि इसके लिए मुझे थोड़ा ज्यादा स्वार्थी होना पड़ेगा। मैंने सोचा चलो गेम जीतते हैं और दूसरा पार्टनर बहुत अच्छी बैटिंग कर रहा था। मैं उसे यह नहीं कहना चाहता था कि एक सिंगल दे दे यार, मैं सौ बना लूंगा। मुझे लगता है कि सच में मजा आया, नॉट आउट रहना, गेम खत्म करना आपको ज्यादा सैटिस्फैक्शन देता है। मैंने बस इसका मज़ा लिया और कुछ और गेम बाकी हैं। देखते हैं कि क्या मैं एक बार फिर वो तीन नंबर (100) पा लेता हूं।