
नई दिल्ली : पाकिस्तान के पूर्व आलराउंडर शाहिद आफरीदी की आत्मकथात्मक पुस्तक 'गेम चेंजर' जब से आई है, तब से रोज कुछ न कुछ खुलासे हो रहे हैं। ताजा खुलासे में पता चला है कि अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर शाहिद अफरीदी ने 1996 में एकदिवसीय क्रिकेट में उन्होंने जो सबसे तेज शतक लगाया था, वह अपने बल्ले से नहीं, बल्कि भारत और विश्व के महानतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बल्ले से लगाया था। उन्होंने नैरोबी में श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए इस पारी में 37 गेंदों पर शतक लगाया था।
यह है पूरा मामला
सचिन तेंदुलकर ने वकार यूनुस को अपना बल्ला देकर कहा था कि सियालकोट में अच्छे बल्ले बनते हैं। वह एक ऐसा ही बल्ला उनके लिए बनवा दें। लेकिन लेकिन वकार ने उस बैट को बनवाने ले जाने से पहले वह बल्ला शाहिद आफरीदी को दे दिया था और उन्होंने उसी बल्ले से वह सबसे तेज शतक जड़ा था।
और भी कई खुलासे हैं इस किताब में
शाहिद आफरीदी ने इस इस किताब में अपनी उम्र का भी खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था तो उस वक्त उनकी उम्र 16 साल नहीं, बल्कि उससे ज्यादा थी। इसके अलावा इस किताब में उन्होंने भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर पर भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा है कि गंभीर में एटीट्यूट की समस्या थी और वह इस तरह का व्यवहार करते हैं जैसे उनमें डॉन ब्रैडमैन और जेम्स बॉन्ड दोनों की काबिलियत हो। उनका रवैया भी अच्छा नहीं है, जबकि उनके नाम कोई महान रिकॉर्ड भी नहीं है।