शशांक ने पत्रिका से खास बातचीत करते हुए कहा कि टीम पिछले सीजन को भूलकर नए सिरे से शुरुआत करना चाहती है। उन्होंने कहा कि इस सीजन टीम का लक्ष्य खिताब जीतना और उनका लक्ष्य अच्छा प्रदर्शन करने पर है।
Shashank Singh Interview: पिछले सीजन पंजाब किंग्स की टीम फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु से सिर्फ छह रन से हारकर पहली बार चैंपियन बनने से चूक गई थी। उस मैच में शशांक सिंह ने 30 गेंदों में नाबाद 61 रन ठोके थे लेकिन टीम को खिताब नहीं दिला सके थे। शुक्रवार को जियो-स्टार प्रेसरूम से शशांक ने पत्रिका से खास बातचीत करते हुए कहा कि टीम पिछले सीजन को भूलकर नए सिरे से शुरुआत करना चाहती है। उन्होंने कहा कि इस सीजन टीम का लक्ष्य खिताब जीतना और उनका लक्ष्य अच्छा प्रदर्शन करने पर है। पंजाब का पहला मुकाबला ३१ मार्च को मुल्लांपुर में गुजरात टाइटंस से होगा।
पिछला एक साल मेरे लिए खास अच्छा नहीं रहा और चोटिल होने के कारण मैं ज्यादा क्रिकेट नहीं खेल सका। मैंने टीम के कैंप से लय हासिल की। अच्छी बात ये है कि मैं अब आगामी आइपीएल सीजन के लिए पूरी तरह से तैयार हूं। टीम ने मुझे फिनिशर की जो भूमिका दी है, मैंने उसका पूरा लुत्फ उठाया है। मेरा सिर्फ एक मंत्रा है कि गेंद को देखों और लंबी हिट मारो (वॉच द बॉल एंड हिट द बॉल)।
शशांक ने कहा, "मैं पहले भी कुछ टीमों में खेला हूं। वहां खिलाडिय़ों लक्ष्य होता था कि इस सीजन अच्छा प्रदर्शन करके अगले सीजन के लिए अपनी जगह कैसे सुरक्षित करें। लेकिन पंजाब किंग्स में कोई भी खिलाड़ी ऐसा नहीं सोचता। यहां हर खिलाड़ी का एक ही लक्ष्य है कि टीम को इस बार खिताब दिलाना है। टीम प्रबंधन ने खिलाडिय़ों को बेहद अच्छा माहौल दिया है, जहां वो खुद के बारे में नहीं सोचकर टीम को चैंपियन बनाने के बारे में सोच रहे हैं।
पंजाब किंग्स टीम में प्रियांश आर्य, हरनूर और नेहाल वढ़ेरा जैसे फियरलेस प्रॉडिजीज हैं। ये ज्यादा नहीं सोचते और बेखौफ बल्लेबाजी करते हैं। ये युवा बैटर्स पंजाब टीम को मजबूती देते हैं। क्रिकेट की भाषा में फियरलेस प्रॉडिजीज उन युवा बल्लेबाजों को कहा जाता है जो आउट होने की परवाह किए बिना पहली गेंद से शॉट लगाते हैं।
हमने इस सीजन की तैयारी के लिए दो-तीन कैंप लगाए। इस दौरान कप्तान श्रेयस अय्यर और कोच रिकी पोंटिंग और डाटा विशेषज्ञ ने बैठकर टीम की कमजोरियों पर खास काम किया। हमने सीखा कि पिछले सीजन में क्या गलतियाँ हुईं और उनसे कैसे सीख ले सकते हैं। अच्छी बात ये है कि इस दौरान कैंप का माहौल पूरी तरह से सकारात्मक रहा। पोंटिंग ने सभी खिलाड़ियों से मिलकर उनकी बातें सुनीं।
मैं पिछल सीजन फाइनल के आखिरी ओवर में एक फुलटॉस गेंद पर शॉट लगाने से चूक गया था। यदि मैं उस पर छक्का लगा देता तो हम आज चैंपियन होते। मैं कई रात ठीक से सो नहीं सका, लेकिन आपको कुछ चीजें पीछे छोडऩी होती हैं। मैं उसे मैच और बॉल को पीछे छोडक़र आगे बढ़ चुका हूं। अब मेरी कोशिश सिर्फ इस सीजन अच्छा प्रदर्शन करने पर है।