World Para Athletics Grand Prix 2025 में स्टार खिलाड़ियों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इस कारण किसी स्पर्धा में एक तो किसी में दो एथलीट उतरे और उन्होंने ही पदक जीते।
World Para Athletics Grand Prix 2025: विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रांप्री का आगाज मंगलवार से दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में हुआ। टूर्नामेंट का उद्घाटन तो भव्य रहा, लेकिन स्टार प्लेयर्स की गैरमौजूदगी ने इसे फीका बना दिया। दो बार के पैरालंपिक चैंपियन भाला फेंक एथलीट सुमित अंतिल और चक्का फेंक खिलाड़ी योगेश कथुनिया जैसे बड़े खिलाड़ियों ने पहले ही टूर्नामेंट में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। वहीं कुछ ने ऐन पहले अपना नाम वापस ले लिया। पहले दिन कई स्पर्धाओं में खिलाड़ियों का टोटा दिखा, किसी में एक, दो तो किसी स्पर्धा में महज तीन खिलाड़ी ही उतरे।
भारतीय पैरालंपिक समिति (PCI) के अध्यक्ष और पैरालंपिक खेलों में दो बार के स्वर्ण पदक विजेता देवेंद्र झझडि़या ने कहा कि सितंबर में होने वाली पैरा एथलेटिक्स विश्व चैंपियनशिप के कारण कई शीर्ष भारतीय खिलाड़ी ग्रां प्री में हिस्सा नहीं ले रहे, क्योंकि वे अपने अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण ले रहे हैं। वहीं कुछ विदेशी खिलाड़ी विभिन्न कारणों से बाहर हो गए।
पुरुषों की ऊंची कूद टी42 फाइनल में केवल एक खिलाड़ी रामसिंहभाई गोबिंदभाई पढियार ने हिस्सा लिया और शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
पुरुष भाला फेंक (एफ33, एफ34) में सिर्फ दो खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। उज्बेकिस्तान के ओयबेक इगामनाजारोव 18.05 मीटर के साथ शीर्ष पर रहे, जबकि भारत के देवर्शी सचान ने 11.34 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से दूसरा स्थान हासिल किया।
पुरुषों की 100 मीटर (टी11, टी12) में तीन धावकों ने हिस्सा लिया, जिसमें ब्राजील के जोफर्सन मरिन्हो डि ओलिवेइरा ने 11.17 सेकंड के प्रयास से स्वर्ण पदक जीता। भारत के विष्णु (12.39 सेकंडड) और पी राजा मूर्ति (12.94 सेकंड) ने क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया।