
Shreyas Iyer on defeat against England: भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला बारिश से धुलने के बाद टीम इंडिया लगातार चार मैच में हार का सामना करना पड़ा है। इसके साथ ही मेजबान इंग्लैंड ने उसका 4-0 से सूपड़ा साफ कर दिया है। शनिवार को साउथेम्प्टन में खेले गए 5वें और आखिरी मैच में भारत को 56 रनों से हार का सामना करना पड़ा है। इस मैच के बाद निराश कप्तान श्रेयस अय्यर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बताया कि आखिरी वह कहां चूक गए।
श्रेयस अय्यर से जब पूछा गया कि इस सीरीज से आपको क्या सीख मिली? इस पर उन्होंने कहा कि सच कहूं तो, अभी बहुत कुछ सीखना है। सबसे पहले, कंडीशन, अवेयरनेस, विकेट के हिसाब से ढलना सीखना है। मुझे लगता है कि हमने जिस भी ग्राउंड पर खेला, यह शायद अब तक का सबसे अच्छा विकेट था। आपने देखा कि आज जब हमने बैटिंग की, तो अप्रोच बिल्कुल अलग था। बतौर प्रोफेशनल्स हमें इन सभी कंडीशन से सीखने और अवेयर रहने की जरूरत है।
आपको इससे क्या मुख्य सीख मिली? इस पर उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह जरूरी है कि हम जितना हो सके कम्युनिकेट करें कि हम यहां और बेहतर क्या कर सकते थे? मैच जीतने में फील्डिंग का अहम रोल होता है, तो यह एक ऐसी चीज है, जिस पर हमें बहुत ज्यादा काम करने की जरूरत है। खासकर जब आप ओवरसीज कंडीशन में आते हैं और ग्राउंड का डाइमेंशन बिल्कुल अलग होता है। इसलिए आप जितनी जल्दी अडैप्ट करेंगे, उतना ही बेहतर होगा।
कुछ स्टेज पर डिलीवरी का चुनाव बेहतर हो सकता था? इस पर उन्होंने कहा कि खासकर इस ट्रैक पर जहां यह एक बेल्टर था, हम शायद ब्लफ कर सकते थे, लेकिन हमने कुछ कैच भी छोड़े, जिससे शायद हमें टोटल में थोड़ा नुकसान हुआ। हम लगभग 220 से 225 के टारगेट का पीछा कर रहे होते। यह शायद सबसे अच्छे चेज में से एक होता, जो हम कर सकते थे। लेकिन बदकिस्मती से हमें वह मौका नहीं मिला। उम्मीद है जैसा कि हमने पहले बताया, यह बहुत अच्छी सीख है।
पावरप्ले में बहुत सारे विकेट जाने से आपको बहुत नुकसान हुआ? इस श्रेयस ने कहा कि हम क्लस्टर में हारे और पार्टनरशिप बनाने के बजाय हम चेज के पीछे जा रहे थे, जो इन विकेटों पर आप खास तौर पर नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि आपको शायद इस तरह की अवेयरनेस होनी चाहिए कि ठीक है। इसलिए थोड़ा समय लें और अपने खास बॉलर्स को टारगेट करें। मुझे लगा कि बॉलिंग में उनका एग्ज़िक्यूशन एकदम सही था। उन्होंने यहां बहुत क्रिकेट खेला है। इसलिए मुझे पक्का यकीन है कि वे अपने मार्क के टॉप पर थे।