
Sitanshu Kotak on Vaibhav Sooryavanshi: भारत शुक्रवार को रांची टेस्ट जीतकर अपनी बढ़त को 2-0 करना चाहेगा। इसी वजह से वह उसी विनिंग कॉम्बिनेशन के साथ उतर सकता है, जो लखनऊ में नजर आया था। इसका मतलब है कि वैभव सूर्यवंशी को फिर से इंतजार करना होगा। मैच की पूर्व संध्या पर खुद भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने इसी तरह के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि सच कहूं तो, जब आप खिलाड़ियों को टेस्ट करते हैं और अगर आप जीतते हैं, तो यह जारी रहता है। अगर आप हार जाते हैं, तो उस बैलेंस को बनाए रखने के बीच एक बहुत पतली लाइन होती है। इसलिए हम कुछ बदलाव करने की कोशिश करते हैं, क्योंकि हमारे पास होनहार खिलाड़ी हैं।
कोटक ने इसी के साथ यह भी कहा कि जब आप नए खिलाड़ियों को मौका देते हैं, तो कुछ अनुभवी खिलाड़ी बाहर हो जाते हैं। इसलिए, अगर दूसरी टीम अच्छा खेलती है और कोई करीबी मैच होता है, तो उस समय आपको लगता है कि यह एक प्रोसेस है और जब भी हमें मौका मिले, तो हमें भविष्य की बेंच स्ट्रेंथ के लिए युवा खिलाड़ियों को मौका देना चाहिए। इस तरह से उन्होंने गोल-मोल जवाब देते हुए टीम मैनेजमेंट की उसी बात को दोहरा दिया फिलहाल वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिलने वाला है। उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना होगा।
वहीं, लखनऊ में युवा पेसर मयंक यादव के खराब प्रदर्शन को लेकर किए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मयंक भी जिम्बाब्वे में खेलने के बाद यहां खेले थे। किसी भी बॉलर को रिदम पाने में कुछ मैच लगेंगे। जाहिर है कि कोई भी बॉलर या बॉलिंग कोच और टीम मैनेजमेंट सोचेगा कि उन्होंने कहां रन दिए या रन कहां गए या किन खास बॉल पर रन गए और फिर सोचेगा कि वे कैसे कट ऑफ कर सकते हैं, चाहे वह लेंथ हो या पेस या पेस में बदलाव। यह एक नॉन-स्टॉप काम है, जो चल रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि जिस तरह से हम बिना डरे और टीम-फर्स्ट तरीके से खेल रहे हैं। हम उसी तरह आगे बढ़ेंगे। कोई बात नहीं, यह एक अलग विकेट भी हो सकता है, लेकिन टी20 में आम तौर पर हमें एक अच्छा विकेट मिलता है। हम टी20 अप्रोच को जारी रखना चाहेंगे। मुझे लगता है कि यह एक अच्छा बैटिंग विकेट है। इसलिए, यह एक हाई-स्कोरिंग पिच होनी चाहिए। टीम ने अभी तक फैसला नहीं किया है। इसके साथ ही उन्होंने लोकल बॉय ईशान किशन की भी जमकर तारीफ की।