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श्रीलंका क्रिकेट में घमासान, बोर्ड अध्यक्ष समेत अन्य सदस्यों ने दिए सामूहिक इस्तीफे, जानें क्या है पूरा मामला

Sri Lanka Cricket president members mass resignations: श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारी और समिति सदस्यों ने अपने सामूहिक इस्तीफे राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके को सौंप दिए हैं।

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Apr 29, 2026
श्रीलंका क्रिकेट टीम। (फोटो सोर्स: IANS)

Sri Lanka Cricket president members mass resignations: श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड से बड़ी खबर सामने आ रही है। बोर्ड के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने बुधवार को बोर्ड और कार्यकारी समिति के अन्य सदस्यों के साथ अपना इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला तब आया, जब टी20 विश्व कप 2026 के सह-मेजबान श्रीलंका को टूर्नामेंट के ग्रुप चरण से ही बाहर होना पड़ा और साथ ही क्रिकेट बोर्ड में प्रशासन पर भ्रष्टाचार और राजनीतिक दखलंदाजी के आरोप भी लगाए गए थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कथित राजनीतिक दखलंदाजी के चलते आईसीसी ने 2023 में श्रीलंका की सदस्यता निलंबित कर दी थी, जिसे बाद में जनवरी 2024 में बहाल कर दिया गया था।

श्रीलंका क्रिकेट के सदस्यों ने इस्तीफा दिया

एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, श्रीलंका क्रिकेट ने बताया कि अध्यक्ष शम्‍मी सिल्वा ने अन्य पदाधिकारियों और कार्यकारी समिति के सदस्यों के साथ मिलकर देश के राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने वीकेंड में सिल्वा से मुलाक़ात की थी, जिसमें उन्होंने एक नए मैनेजमेंट के तहत बोर्ड के भविष्य पर चर्चा की थी।

युवा मामले और खेल मंत्री सुनील कुमार गमागे को भी दी सूचना

श्रीलंका क्रिकेट ने कहा है कि श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष, शम्मी सिल्वा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जो आज से प्रभावी है। उनके साथ-साथ श्रीलंका क्रिकेट के अन्य पदाधिकारियों और कार्यकारी समिति के सदस्यों ने भी अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं। इस फैसले की औपचारिक सूचना राष्ट्रपति और युवा मामले और खेल मंत्री सुनील कुमार गमागे को दे दी गई है।

अब अंतरिम प्रबंधन करेगा समिति का नेतृत्‍व

रिपोर्ट के अनुसार, नई समिति का नेतृत्व अब एक अंतरिम प्रबंधन करेगा, जिसकी कमान एक ऐसे निवेश बैंकर के हाथों में होगी, जो विपक्षी दल का राजनेता भी है। बताया जा रहा है कि शम्मी सिल्वा ने इस्तीफा देने के अपने फैसले की घोषणा करने के लिए एक विशेष बैठक बुलाई थी, जबकि उनके चार साल के कार्यकाल में अभी 11 महीने बाक़ी थे।

यह भी दावा किया गया है कि अध्यक्ष ने मौजूदा निकाय से पद छोड़ने और उसके स्थान पर एक नए प्रशासन को कामकाज संभालने का मौका देने का आग्रह किया था।

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