टीम इंडिया ने विंडीज के खिलाफ टी-20 और वनडे टीम चुनते वक्त कुछ ऐसे फैसले लिए हैं, जो क्रिकेट समीक्षकों की समझ से परे हैं। इन पर उठ रही है अंगुलियां।
नई दिल्ली : विंडीज के खिलाफ तीन टी-20 और तीन वनडे टीम के लिए गुरुवार को टीम इंडिया का ऐलान किया गया। एमएसके प्रसाद की अगुआई वाली चयन समिति के कई फैसलों पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि विकल्पों की भरमार होने के कारण कई खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद बाहर बैठना पड़ा है। लेकिन कुछ खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद भी टीम इंडिया में बने हुए हैं। इन्हीं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके अलावा कुछ खिलाड़ियों के साथ इतनी बेरहमी दिखाई गई है कि उन्हें बिना एक भी मैच में मौका दिए बिना टीम इंडिया से बाहर कर दिया गया है।
टी-20 और वनडे दोनों में पंत को मिला है मौका
ऋषभ पंत को विंडीज दौरे पर टेस्ट, वनडे और टी-20 तीनों फॉर्मेट में खेलने का मौका मिला था। इस सीरीज में वह तीनों फॉर्मेट में अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित नहीं कर पाए थे। इनकी विकेटकीपिंग का स्तर भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अनुरूप नहीं दिखा। इस कारण टीम में होने के बावजूद दक्षिण अफ्रीका तथा बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मैच में उन्हें एकादश में शामिल नहीं किया गया। यह काम भी टीम मैनेजमेंट ने किया। चयनकर्ताओं ने तो लगातार खराब प्रदर्शन के बावजूद पंत को 15 सदस्यीय टेस्ट टीम में बरकरार रखा है। हालांकि वह इन दोनों टीमों के खिलाफ सीमित ओवर की क्रिकेट में खेले और एक बार फिर निराश किया। फिर भी उन्हें विंडीज के खिलाफ वनडे और टी-20 दोनों टीम में बरकरार इन्हें इकलौते विकेटकीपर के रूप में टीम में बरकरार रखा गया है। इनका विकल्प भी टीम में नहीं है कि इनके फ्लॉप होने पर किसी और को मौका दिया जा सके।
संजू सैमसन को बिना मौका दिए बाहर
टीम इंडिया में ऋषभ पंत की जगह लेने के लिए दो विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन और संजू सैमसन पूरी तरह तैयार हैं और यह घरेलू क्रिकेट में धमाकेदार प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें से एक विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 सीरीज में चुना तो गया, लेकिन इसके साथ ही चयनकर्ताओं ने यह फरमान भी जारी कर दिया था कि वह विशुद्ध रूप से बल्लेबाज की हैसियत से चुने गए हैं। कोढ़ में खाज यह कि घरेलू क्रिकेट में पिछले कुछ समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे इस क्रिकेटर को पंत के फ्लॉप होने के बावजूद किसी भी मैच के अंतिम एकादश में मौका नहीं दिया गया और बिना कोई मैच खेलाए इन्हें विंडीज सीरीज के लिए चुनी गई टी-20 और वनडे दोनों टीमों से बाहर कर दिया गया।
केदार जाधव की वनडे टीम में जगह
एक और खिलाड़ी हैं केदार जाधव। कुछ अंतरराष्ट्रीय मैचों में इन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। विश्व कप की टीम में भी शामिल थे। लेकिन वहां अच्छा प्रदर्शन करने में विफल रहे थे। इसके बाद चोटिल होने के बाद वह टीम से बाहर हो गए थे। इसके बाद से उन्होंने ऐसा कोई प्रदर्शन नहीं किया है, जिसकी वजह से इन्हें टीम में रखना जरूरी हो। इसके बावजूद उन्हें वनडे टीम में मौका दिया गया है।
मयंक की अनदेखी करना
क्रिकेट पंडित मान रहे थे कि जिस तरह से शिखर धवन और लोकेश राहुल का प्रदर्शन मयंक अग्रवाल को अगर वनडे टीम के साथ जोड़ा जाता तो वह शिखर धवन के फ्लॉप होने की सूरत में ओपनिंग में एक ठोस विकल्प बन सकते थे। वह टेस्ट में खुद को साबित कर चुके हैं और सीमित ओवरों के घरेलू टूर्नामेंट्स में भी शानदार परफॉर्म कर रहे हैं।
राहुल चाहर बाहर और कुलदीप अंदर
बांग्लादेश के खिलाफ चुनी गई टी-20 टीम से एक और नाम को बाहर करना हैरान कर रहा है। वह नाम है राहुल चाहर का। इन्होंने विदेशी पिच पर शानदार गेंदबाजी की थी। विंडीज में अपनी शानदार स्पिन से उनके बल्लेबाजों को परेशान रखा था। इसके बावजूद पहले इन्हें टीम में चुने जाने के बावजूद न तो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौका दिया गया और न ही बांग्लादेश के खिलाफ और विंडीज के खिलाफ सीरीज से बाहर कर दिया गया। हालांकि उन्हें रिप्लेस करने वाले कुलदीप यादव सच में बेहतरीन गेंदबाज हैं। इसलिए उन्हें अनलकी कहा जा सकता है, लेकिन बेहतर होता कि उनकी जगह वाशिंगटन सुंदर को बाहर किया जाता, जिनका प्रदर्शन बांग्लादेश के खिलाफ अच्छा नहीं रहा था।
ये रहे अनलकी
मुंबई के तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर को फिट होकर टीम इंडिया में वापसी करने वाले भुवेनश्वर कुमार के लिए जगह खाली करनी पड़ी। भुवनेश्वर की वापसी निश्चित थी, इसलिए शार्दुल को दुर्भाग्यशाली कहा जा सकता है। वहीं खलील अहमद ने बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 सीरीज में जिस तरह से निराश किया था, ऐसे में इनको बाहर होना ही था। उनकी जगह मोहम्मद शमी ने ली है।
ये है विंडीज दौरे के लिए चयनित टीम इंडिया
टी-20 : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, लोकेश राहुल, शिखर धवन, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), मनीष पांडेय, श्रेयस अय्यर, शिवम दुबे, रविंद्र जडेजा, वाशिंगटन सुंदर, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, दीपक चाहर, भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी।
वनडे : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, लोकेश राहुल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), मनीष पांडेय, श्रेयस अय्यर, केदार जाधव, रविंद्र जडेजा, शिवम दुबे, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, दीपक चाहर और भुवनेश्वर कुमार।