ICC T20 World Cup: टी20 विश्व कप के नौ सीजन में छह टीमें खिताब जीत चुकी हैं, लेकिन आईसीसी के चार पूर्ण सदस्य एक बार भी फाइनल तक नहीं पहुंच पाए हैं। वहीं दो टीमें सिर्फ एक-एक बार फाइनल में जगह बना पाई हैं।
ICC T20 World Cup: 2007 से शुरू हुए टी20 विश्व कप के अब तक नौ सीजन खेले जा चुके हैं। इस दौरान भारत, पाकिस्तान, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया की टीमें खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। लेकिन आईसीसी के कई पूर्ण सदस्य देश ऐसे हैं जो इस टूर्नामेंट में लगातार हिस्सा लेने के बावजूद एक बार भी फाइनल तक नहीं पहुंच पाए हैं। वहीं दो टीमें ऐसी हैं जो अब तक सिर्फ एक बार फाइनल खेलने मैदान में उतरी हैं।
अफगानिस्तान
2010 में अपना पहला टी20 विश्व कप खेलने वाली अफगानिस्तान ने शुरुआती सालों में ग्रुप स्टेज से आगे बढ़ने के लिए भी संघर्ष किया। हालांकि 2024 में रशीद खान की कप्तानी में टीम ने पहली बार विश्व कप में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। वेस्टइंडीज और यूएसए की संयुक्त मेजबानी में आयोजित उस टूर्नामेंट में उन्होंने न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया को हराकर चौंकाया, लेकिन सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका के सामने महज 56 रनों पर सिमटकर बाहर हो गए। यह उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
बांग्लादेश
2007 से टी20 विश्व कप में भाग लेने वाली बांग्लादेश की टीम के लिए यह टूर्नामेंट हमेशा निराशा लेकर आया है। शाकिब अल हसन टी20 विश्व कप में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं, लेकिन टीम कभी सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच पाई है। उनका सफर ग्रुप स्टेज या दूसरे दौर में ही समाप्त हो जाता है। 2024 में सुपर-8 में अफगानिस्तान से वर्षा प्रभावित मैच में हारकर बाहर होना उनके लिए दुखद रहा।
आयरलैंड
2009 में टी20 विश्व कप में पहली बार उतरने वाला आयरलैंड कई बड़ी टीमों के साथ उलटफेर करने में कामयाब रहा है। 2022 में उन्होंने ग्रुप स्टेज में वेस्टइंडीज और सुपर-12 में उस टूर्नामेंट के विजेता इंग्लैंड को भी हराया था। इसके बावजूद वे कभी सेमीफाइनल या फाइनल तक नहीं पहुंचे। उनका बेस्ट रिजल्ट सुपर-8 या सुपर-12 तक ही रहा है, और खिताबी दौड़ में उनकी दावेदारी कभी नहीं बन पाई।
जिम्बाब्वे
जिम्बाब्वे टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले देशों में शामिल है, पर टी20 विश्व कप में उनका प्रदर्शन अक्सर निराशाजनक ही रहा है। 2022 में ऑस्ट्रेलिया में खेले गए संस्करण में वे सुपर-12 से आगे नहीं जा सके, जो किसी टेस्ट खेलने वाले देश का उस टूर्नामेंट का सबसे कमजोर प्रदर्शन था। जिम्बाब्वे अब तक सेमीफाइनल तक भी पहुंचने में नाकाम रहा है। हालांकि इस साल यह टीम अलग रंग में नजर आई है और ग्रुप स्टेज के 4 मुकाबलों में से 3 जीत चुकी है, जबकि एक मैच बारिश के चलते रद्द हो गया था। ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी मजबूत टीमें भी जिम्बाब्वे की चुनौती के आगे टिक पाने में नाकाम रही हैं। सुपर 8 के ग्रुप 1 में जिम्बाब्वे अब भारत, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगा।
दो टीमें ऐसी भी हैं जो फाइनल तक तो पहुंची हैं, लेकिन सिर्फ एक बार।
न्यूजीलैंड
2021 में दुबई में खेले गए फाइनल में पहुंचे थे, जहां ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें 8 विकेट से हराया। इससे पहले और बाद में वे कई बार सेमीफाइनल तक पहुंचे लेकिन फाइनल में जगह नहीं बना सके।
दक्षिण अफ्रीका
"चोकर्स" के टैग के साथ लंबे समय तक फाइनल में न पहुंच पाने वाली टीमों में शामिल थी, लेकिन 2024 में आखिरकार इतिहास बदला। अफगानिस्तान को सेमीफाइनल में 9 विकेट से हराकर उन्होंने पहली बार टी20 विश्व कप के फाइनल में कदम रखा। हालांकि उस फाइनल में भारत ने उन्हें 7 रन से हरा दिया।