
नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय में सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर शर्मा ने एक जनहित याचिका दायर कर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खिलाड़ियों की नीलामी को चुनौती दी गई है। इस याचिका में नीलामी को रोकने की मांग की गई है। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति की बोली लगाना अवैधानिक और मानव अधिकारों का उल्लंघन है और खिलाड़ियों की बोली लगाना भी इसी श्रेणी में आता है। दिल्ली उच्च न्याययलय के मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि इसकी सुनवाई 26 जुलाई को होगी।
दोषी व्यक्तियों पर कार्रवाई की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर शर्मा ने अपनी याचिका में मांग की है कि अदालत सरकार को ‘अंतरराष्ट्रीय मानव नीलामी’ से संबंधित मामले को देखने का निर्देश दे। उन्होंने कहा है कि किसी व्यक्ति की नीलामी गलत है। इसके अलावा उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि नीलामी के माध्यम से मानव बोली लगाने और बेचने के खतरे को नियंत्रित करने, उस पर प्रतिबंध लगाने और उसे रोकने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। इसलिए अदालत ही इस मामले में सरकार को निर्देश दे। इसके अलावा इस याचिका में दोषी व्यक्तियों के खिलाफ जांच करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का सरकार को निर्देश देने की भी मांग की गई है।