क्रिकेट

5 बार जब मैदान पर भिड़े भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी, बन गए क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े विवाद

-हरभजन और सायमंड्स के बीच हुआ विवाद मंकीगेट के नाम से हुआ पॉपुलर।-गौतम गंभीर नहीं रख पाए थे अपने गुस्से पर काबू। वॉटसन को मार दी थी कोहनी।-विराट कोहली ने सरेआम मैदान पर दिखाई थी अपनी मिडिल फिंगर।  

3 min read
Jan 05, 2021

नई दिल्ली। टीम इंडिया (Team India) अभी ऑस्ट्रेलिया दौरे (Australia Tour) पर है और चार मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) के दो मुकाबले खेले जा चुके हैं। टेस्ट सीरीज 1-1 से बराबर है और दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर है। जब भी ये दोनों टीमें आमने-सामने होती है खेल का मैदान जंग का मैदान बन जाता है। कभी कभार तो मामला मामूली छेड़छाड़ से बढ़कर विवाद का रूप ले लेता है।

2008 का मंकीगेट विवाद
वर्ष 2008 में टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) के बीच हुए मुकाबले किक्रेट के सबसे विवादित मैचों में से एक हैं। इस सीरीज के दौरान कई बार दोनों टीमें आपस में भिड़ती नजर आई। अपनी घटिया अंपायरिंग और मंकीगेट विवाद की वजह से ये सीरीज जानी जाती है। इस दौरान भारतीय कप्तान अनिल कुंबले बेहद नाराज हुए थे ओर उन्होंने साफ कर दिया था कि मैदान पर सिर्फ एक टीम खेल की भावना के साथ खेल रही थी।

2007-08 मंकीगेट विवाद
वर्ष 2007-08 में टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थी। भारतीय टीम मेलबर्न में 337 रनों की हार के बाद सीरीज में 0-1 से पीछे थी और दूसरा मुकाबला सिडनी के मैदान पर खेला जा रहा था। उस मुकाबले में टीम इंडिया ऑस्ट्रेलियाई टीम पर हावी थी। तब हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) बल्लेबाजी कर रहे थे तो एंड्र्यू सायमंड्स (Andrew Symonds) के साथ भज्जी की बहस हो गई थी। जिसके बाद कप्तान रिकी पोंटिंग (Ricky Ponting) भड़क गए और भज्जी पर स्लेजिंग का नहीं बल्कि रेसिज्म का गंभीर आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि हरभजन ने सायमंड्स को मैदान पर 'मंकी' यानि बंदर कहा है। इस मामले में हरभजन सिंह को दोषी ठहराया गया और उन पर तीन मैचों का बैन लगा दिया गया। मुकाबला ऑस्ट्रेलिया ने जीत लिया, लेकिन असली विवाद इसके बाद शुरू हुआ।

पूरी टीम ने दिया भज्जी का साथ
भारत के कप्तान अनिल कुंबले और पूरी टीम हरभजन सिंह का साथ दे रही थी और उन्होंने टीम ने साफ कर दिया कि जब तक भज्जी पर लगाए गए नस्लभेदी टिप्पणी के आरोप वापस नहीं लिए जाते। टीम कोई मैच नहीं खेलेगी। इसके बाद भज्जी पर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया गया और कहा कि‘हरभजन ने सायमंड्स को 'मंकी' नहीं बल्कि 'तेरी मां की' कहा था’. इस वजह से इस विवाद को मंकीगेट विवाद कहा जाता है।

वॉटसन को गंभीर ने मारी थी कोहनी
वर्ष 2008 में जब ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत के दौरे पर थी, उस दौरान दिल्ली टेस्ट में कुछ ऐसा हुआ, जिससे बाद में दोनों टीमों के बीच काफी खटास पैदा हो गई थी। मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम स्लेजिंग कर रही थी तो गौतम गंभीर खुद पर काबू नहीं रख पाए और क्रीज पर दौड़ते वक्त वॉटसन को कोहनी मार दी। इस वजह से उन्हें अंपायर ने अगले मैच के लिए बैन कर दिया था।

कोहली ने दिखाई थी मिडिल फिंगर
2011-12 में टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी, उस दौरान दूसरे टेस्ट मैच में विराट कोहली ने गुस्से में अपनी मिडिल फिंगर दिखाई थी। इसके बाद काफी विवाद हुआ और कोहली की मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना लगाया गया। इसके बाद कोहली ने ट्वीट कर लिखा, 'मैं मानता हूं कि क्रिकेटरों को प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए। लेकिन जब दर्शक आपकी मां और बहन के बारे में बेहद ही भद्दी टिप्पणी करें, तब क्या?'

Published on:
05 Jan 2021 11:22 am
Also Read
View All