
नई दिल्ली : कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का 13वां सीजन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित है और इसके होने और न होने को लेकर अब भी संदेह के बादल मंडरा रहे हैं। बीसीसीआई (BCCI) समेत सभी फ्रेंचाइजी और खिलाड़ियों को अब भी यह उम्मीद है कि अगर इस साल होने वाला आईसीसी टी-20 विश्व कप (ICC T20 World Cup) स्थगित होता है तो उस वक्त में आईपीएल 2020 खेला जा सकता है। आईपीएल के आयोजन को लेकर मसला सिर्फ एक विंडो का ही नहीं, बल्कि सुरक्षित माहौल का भी है, जहां बिना स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के लीग का आयोजन कराया जा सके। ऐसे में अब संयुक्त अरब अमीरात क्रिकेट बोर्ड (United Arab Emrates Cricket Board) ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की मदद के लिए आगे आया है। उसने बोर्ड को लीग की मेजबानी का प्रस्ताव दिया है।
श्रीलंका के बाद यूएई ने दिया प्रस्ताव
यूएई क्रिकेट बोर्ड से पहले श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने भी बीसीसीआई के सामने आईपीएल अपने देश में कराने का प्रस्ताव दिया था। उस वक्त श्रीलंका में कोरोना के मामले न के बराबर थे। हालांकि बीसीसीआई ने उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। अब खाड़ी देश की मीडिया ने यूएई बोर्ड के जेनरल सेक्रेटरी मुबस्सिर उस्मानी के हवाले से लिखा है कि यूएई बोर्ड ने अपने दावे के पक्ष में कहा है कि उसे न्यूट्रल वेन्यू के तौर पर काफी मैच कराने का अनुभव है। यहां तक कि वह एक बार आईपीएल का आयोजन भी करा चुका है। इसके अलावा कई द्विपक्षीय सीरीज और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी का हमारा बेहतरीन रिकॉर्ड है।
यूएई ने इंग्लैंड के सामने भी रखा है प्रस्ताव
यूएई बोर्ड ने न सिर्फ बीसीसीआई को ऐसा प्रस्ताव दिया है, बल्कि उसने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के सामने भी ऐसी ही पेशकश रखी है। उसने ईसीबी से कहा है कि वह अपना घरेलू सीजन यूएई में पूरा कर सकते हैं। इंग्लैंड को जुलाई-अगस्त महीने में वेस्टइंडीज और पाकिस्तान की मेजबानी करनी है। उस्मानी ने बताया कि उन्होंने भारत और इंग्लैंड के क्रिकेट बोर्ड के सामने अपना प्रस्ताव रख दिया है। उन्होंने कहा कि यूएई कई ऐसे मैचों की भी सफल मेजबानी कर चुकी है, जिनमें इंग्लैंड क्रिकेट टीम खेल चुकी है। उस्मानी ने कहा कि दोनों देशों के बोर्ड में से जो भी उनके इस प्रस्ताव के लिए तैयार होगा, वह उसकी मेजबानी करने को तैयार हैं और सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने को भी तैयार हैं।