
Vaibhav Sooryavanshi autograph session: दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल के पहले दिन ईस्ट जोन ने चार विकेट के नुकसान पर 385 रन स्कोर बोर्ड पर लगाए। जैसे ही पहले दिन का तीसरा और आखिरी सेशन खत्म हुआ तो सभी खिलाड़ी पवेलियन की ओर जाने लगे, लेकिन वैभव सूर्यवंशी वहीं रुके रहे। इसी बीच वह चेपॉक की भीड़ के उस हिस्से की ओर बढ़े, जहां फैंस दिन भर उनके नारे लगा रहे थे। इस दौरान वैभव को करीब से देखने के लिए फैंस बेताब नजर आए। फैंस ने स्टैंड से बाड़ के पार वाली जगह से कैप, नोटबुक, कागज के टुकड़े, जर्सी आदि उनकी ओर फेंके, तो वैभव ने भी सादगी भरे अंदाज में मुस्कुराते हुए ऑटोग्राफ दिए।
ईएसपीएन की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को एमए चिदंबरम स्टेडियम में करीब 12 हजार फैंस जमा हुए थे, जिससे स्टैंड भर गए थे। इनमें से कुछ ने चेन्नई सुपर किंग्स की पीली जर्सी भी पहनी हुई थी। रिपोर्ट की मानें तो ईस्ट जोन बनाम साउथ जोन मैच को देखने के लिए आधा घंटा पहले सी, डी और ई ब्लॉक के निचले स्टैंड भरने लगे थे। सुबह 9:30 बजे जब मैच शुरू हुआ, तो वे तीन स्टैंड, जिन्हें टीएनसीए ने दर्शकों के लिए फ्री रखा था, वे खचाखच भर गए थे।
आईपीएल में जिस तरह से धोनी-धोनी के नारे गूंजते है, ठीक उसी तरह चेपॉक में वैभव सूर्यवंशी का नाम गूंजा। जब टीनएजर ने एक शानदार पारी खेली, तो दर्शक सीटियां बजाते, चीखते और जोर-जोर से चिल्लाते रहे। क्रेज इतना ज्यादा था कि सुबह 10 बजे तक टीएनसीए ने गेट के बाहर लाइन में खड़े फैंस की भारी भीड़ को देखते हुए तीन और स्टैंड खोल दिए। शायद इसी वजह से दलीप ट्रॉफी का फाइनल बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के ग्राउंड से चेपॉक शिफ्ट किया गया था।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने उस समय एक बयान में कहा था कि सीईओ में भीड़ के आने को लेकर कुछ पाबंदियां हैं और हमें लगा कि फाइनल को ऐसी जगह पर ले जाना सही रहेगा, जहां फैंस आ सकें और इस मौके का हिस्सा बन सकें। रविवार को वैभव सूर्यवंशी ने फैंस को निराश नहीं किया। उन्होंने मोहम्मद सिराज के खिलाफ एक ही ओवर में दो चौके और एक छक्का लगाकर दर्शकों का दिल जीत लिया।