Virat Kohli: विराट कोहली ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ रन चेज में 69 रनों की मैच जिताऊ पारी खेलकर ये साबित कर दिया है कि वह आईपीएल के सबसे बड़े चेज मास्टर हैं। मैच के बाद कोहली ने इस सफलता का राज भी खोला।
Virat Kohli: सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 42 रन बनाते ही विराट कोहली ने रन चेज में अपने 4000 रन पूरे कर लिए। इसके साथ ही आईपीएल में इस मुकाम को हासिल करने वाले वह पहले बल्लेबाज बन गए हैं। इस मामले में दुनिया का कोई भी बल्लेबाज उनके आसपास नहीं है। कोहली ने एसआरएच के खिलाफ आरसीबी के लिए रन चेज में 38 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके और पांच छक्कों की मदद से नाबाद 69 रनों की तूफानी अर्धशतकीय पारी खेली है। इस मैच जिताऊ पारी के बाद चेजमास्टर कोहली बेहद खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि मैं अपना 120% देता हूं। इसके साथ ही उन्होंने इस सफलता का राज भी बताया।
विराट कोहली ने मैच के बाद कहा कि मैदान पर वापस आकर अच्छा लग रहा है। मैंने पिछला टी20 मैच पिछले साल आईपीएल फाइनल में खेला था, लेकिन मुझे लगता है कि जिस तरह से मैंने हाल ही में वनडे सीरीज़ में बैटिंग की, उससे मुझे उसी लय को बनाए रखने में काफी मदद मिली। मैं ऐसे शॉट्स नहीं खेल रहा था, जो मैं आम तौर पर नहीं खेलता। इसलिए मुझे पता था कि मेरी लय बनी रहेगी।
कोहली ने बताया कि मैंने अपनी फिटनेस पर पर्दे के पीछे काफी मेहनत की है, अब चीजें अपने आप ठीक होती जाएंगी। आज मौका था कि मजबूती से शुरुआत की जाए और इस लय को आगे बढ़ाया जाए। पिछले 15 सालों में जिस तरह का शेड्यूल रहा है और मैंने जितना क्रिकेट खेला है, मेरे लिए हमेशा यह जोखिम रहा है कि मैं 'अंडरकुक्ड' (तैयारी की कमी) होने के बजाय 'बर्न आउट' हो जाऊं। इसलिए ये ब्रेक मुझे मानसिक रूप से मदद करते हैं। जब भी मैं खेलने वापस आता हूं, तो मैं 120% देता हूं।
मैं बिना तैयारी के वापस नहीं आता। असल में ज्यादा आराम मुझे मानसिक रूप से तरोताजा होने में मदद करता है। जब तक आप शारीरिक रूप से फिट और मानसिक रूप से उत्साहित रहते हैं, ये दोनों चीजें मिलकर बहुत अच्छा काम करती हैं। तब आप टीम के लिए योगदान दे पाते हैं और एक खिलाड़ी के तौर पर आप यही करना चाहते हैं। आप सिर्फ अपनी जगह बनाए रखना नहीं चाहते, आप लगातार अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं और टीम के लिए मेहनत करते रहना चाहते हैं।
वहीं, पडिक्कल की पारी जबरदस्त बताते हुए कोहली ने कहा कि शुरू से ही मेरी योजना पावरप्ले में आक्रामक खेलने की थी, लेकिन जब मैंने पडिक्कल को खेलते देखा, तो मुझे लगा कि बस उसे स्ट्राइक पर बनाए रखो और बीच-बीच में एक-आध बाउंड्री लगाते रहो। उसने पूरी तरह से मैच को विपक्षी टीम से छीन लिया। मैंने उससे यह भी कहा कि उसने जो शॉट धीमी गेंद पर मिड-ऑन के ऊपर से छक्के के लिए मारा, उस पल मैंने कहा, बस खेलते रहो। तुम गेंद को बहुत शानदार तरीके से मार रहे हो। बस जोर लगाते रहो और मैच को विपक्षी टीम से दूर ले जाओ।
मैंने उसे बहुत करीब से देखा है, उसमें जो हुनर है, अब वह उसे मैदान पर दिखा रहा है। यह सब एक शानदार घरेलू 'रेड-बॉल' सीजन के बाद हुआ है। उनकी टाइमिंग, सिर की पोजिशन और संतुलन ये सभी बिल्कुल विश्व-स्तरीय हैं। मुझे पता है कि जब वह आत्मविश्वास से भरे होते हैं, तो बल्ले से क्या कमाल कर सकते हैं। आज रात उन्होंने अपनी विशुद्ध प्रतिभा का जबरदस्त प्रदर्शन किया।