
नागपुर। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अगले वर्ष के पहले ही हफ्ते में शुरू होने जा रहे महत्वपूर्ण दक्षिण अफ्रीका दौरे से ठीक पहले श्रीलंका सीरीज को व्यस्त कार्यक्रम में शामिल करने पर नाखुशी जताई है। उनका मानना है कि इससे दक्षिण अफ्रीका दौरे की तैयारी के लिए कम समय मिला है। भारतीय कप्तान ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे नागपुर टेस्ट की पूर्व संध्या पर गुरुवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, यदि हमें एक महीने का समय मिला होता तो हमारी तैयारियां दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए बिल्कुल अलग तरह की होती। लेकिन हमें जो समय मिल पाया है, उसी में हमें तैयारियों करनी होगी।
10 दिन ही मिल रहे तैयारी को
टीम इंडिया अगले वर्ष पांच जनवरी से दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जाएगी, जहां वह तीन टेस्ट, छह वनडे और तीन ट््वंटी 20 मैचों की सीरी•ा खेलेगी, जबकि श्रीलंका के साथ उसकी मौजूदा सीरीज 24 दिसंबर को समाप्त हो रही है। ऐसे में भारतीय खिलाडिय़ों के पास दोनों सीरीज के बीच में लगभग 10 से 11 दिन का समय ही बचा होगा। विराट ने कहा, हमारे पास समय की कमी है और मुझे लगता है कि भविष्य में हमें इन बातों पर ध्यान देना होगा। हम टीम को विदेशी दौरों पर बहुत आसानी से मापने लगते हैं, लेकिन कोई यह नहीं देखता कि हमें तैयारी के लिए कितना समय मिल पाया है। भारतीय कप्तान ने कहा, टेस्ट मैच के बाद हर कोई खिलाडिय़ों को जज करने लगता है। मुझे लगता है कि यह बराबरी का मामला होना चाहिए ताकि हमें बराबरी से तैयारी का मौका मिले और उसके बाद हमें हमारे खेल के हिसाब से मापा जा सकता है। हालांकि साथ ही हमारे लिए यह चुनौतीपूर्ण भी होगा।
हमें वहां की परिस्थिति में ढलना होगा
उन्होंने कहा, मैं नहीं कह रहा कि हर कोई दक्षिण अफ्रीका जाकर अच्छा खेलने लगेगा, लेकिन हमें वहां की परिस्थितियों के अनुरूप पहले खुद को ढालना होगा। दो-तीन पारियों के बाद जरूर कोई खिलाड़ी अच्छा स्कोर कर सकता है और वहीं से उसे आत्मविश्वास मिलेगा। यही स्थिति गेंदबाजों के साथ है और सच है कि अब हम इसे अपने लिए एक मौके की तरह देख रहे हैं। विराट ने साथ ही कहा कि भविष्य में टीम प्रबंधन को इस बात पर ध्यान देना होगा कि वह सीरीज के कार्यक्रम को सही ढंग से तैयार करें। यही कारण है कि श्रीलंका सीरीज के लिए भी तेज गेंदबाजों के लिए मददगार पिचें तैयार की गई हैं ताकि खिलाड़ी आगामी दौरे के लिए भी तैयारी कर सके। उन्होंने कहा, यह सच है कि हमने ही बोर्ड से तेज गेंदबाजों के हिसाब से पिचें बनाने के लिए कहा था, क्योंकि हमारे पास दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जाने से पहले केवल दो दिन ही होंगे तो ऐसे में हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा था।