मोमंद का घर लघमन में आता है और लघमान प्रांत अफगानिस्तान का वो हिस्सा है जो तालिबान और आईएसआईएस के कब्जे से अभी तक आजाद नहीं हो पाया है।
नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला जाने वाला एकमात्र टेस्ट मैच भले ही भारत के लिए कुछ भी ना हो लेकिन अफगानिस्तान की टीम और उसके खिलाड़ी के लिए ये बहुत बाड़ा मौका है। 14 जून, 2018 की तारीख अफगानिस्तान क्रिकेट इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी क्योंकि इस दिन अफगानिस्तान अपना पहला टेस्ट मैच खेलेगा। टीम में वैसे तो कई युवा खिलाड़ी हैं लेकिन टीम के एक युवा गेंदबाज वफादार मोमंद के लिए ये टेस्ट किसी सपने से काम नहीं होगा। इसके पीछे वजह हैं उनका घर।
तालिबान के कब्जे में हैं घर
जी हां! अफगानिस्तान टीम के इस युवा खिलाड़ी का घर तालिबान के कब्जे में है और वे इस घर को वापस चाहते हैं। उनके घर में आतंकवादियों ने कब्जे कर रखा है और रोज वहां पुलिस और आतंकवादियों के बीच संघर्ष होता है। दरअसल मोमंद का घर लघमन में आता है और लघमान प्रांत अफगानिस्तान का वो हिस्सा है जो तालिबान और आईएसआईएस के कब्जे से अभी तक आजाद नहीं हो पाया है। इस इलाके में अभी भी सुरक्षाबलों और खूंखार आतंकियों के बीच संघर्ष होता है।
140 किमी प्रति घंटे कि स्पीड से फेकते हैं
बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मैच के लिए अफगानिस्तान टीम का चयन हो चुका है। इस टीम में 18 साल के वफादार मोमंद को भी शामिल किया गया है। मोमंद अफगानिस्तान के सबसे तेज युवा गेंदबाजिन मेंसे एक हैं।मोमंद की रफ्तार 140 किमी प्रति घंटे से भी ज्यादा है। मोमंद के अलावा सैयद शेरजाद और यामिनी अहमदजाई जैसे युवा तेज गेंदबाजों को भी मौका मिला हैं। अपनी फिरकी से इंडियन प्रीमियर लीग में धमाल मचाने वाले किंग्स एलेवेन पंजाब के मिस्ट्री स्पिनर मुजीब उर रहमान को भी टेस्ट टीम में जगह मिली है। ऐस में देखना होगा मुजीब और राशिद भारत कि स्पिन पिच में क्या कारनामा करते हैं।