
Sir Garfield Sobers Passes Away: वेस्टइंडीज के महान खिलाड़ी सर गैरी सोबर्स के निधन की दुखद खबर सामने आई है। उन्होंने 89 साल की उम्र में अंतिम सांस ली है। वह उन महानतम क्रिकेटर्स में से एक थे, जिनके रिकॉर्ड एक युग को तय करते हैं। उनके निधन से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके बेटे डेनियल सोबर्स ने बारबाडोस से उनके निधन की पुष्टि की है।
सर गैरी सोबर्स क्रिकेट के सबसे महान ऑलराउंडरों में से एक थे। उन्होंने 1954 से 1974 के बीच 93 टेस्ट और एक वनडे इंटरनेशनल मैच खेला। इस दौरान उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 39 टेस्ट मैचों में कप्तानी भी की थी। बारबाडोस में जन्मे और पले-बढ़े सोबर्स ने बारबाडोस में ही अंतिम सांस ली है। इसी महीने की 28 जुलाई को उनका 90वां जन्मदिन था, लेकिन इससे पहले ही वह दुनिया को अलविदा कह गए। उनके निधन की खबर सुनते ही सोशल मीडिया पर उन्हें सांत्वना देने वालों की बाढ़ आ गई है। हर कोई उनकी आत्मा की शांति की कामना कर रहा है।
बाएं हाथ के गेंदबाज के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले सोबर्स ऑर्थोडॉक्स और रिस्ट स्पिन के साथ-साथ मीडियम पेस भी फेंकते थे। उन्होंने 16 साल की उम्र में प्रथम श्रेणी और फिर 17 साल की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। सोबर्स ने 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ अपने पहले टेस्ट शतक को उस समय के रिकॉर्ड 365 रन में बदलकर अपनी बल्लेबाजी का अद्भुत काबिलियत को पेश किया था।
पाकिस्तान के खिलाफ उनकी 365 रन की पारी 1994 में ब्रायन लारा के 375 रन तक टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर था। हालांकि वह अब भी सबसे बड़ा पहला टेस्ट शतक है और हमेशा रहेगा।
सोबर्स साउथ अफ्रीका के जैक्स कैलिस के साथ उन दो प्रमुख हरफनमौला खिलाड़ियों में से एक थे, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 8,000 रन और 200 विकेट का डबल हासिल किया। सोबर्स प्रोफेशनल क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले खिलाड़ी भी थे। उन्होंने 1968 में नॉटिंघमशायर के लिए ग्लेमोर्गन के खिलाफ खेलते हुए यह विशेष रिकॉर्ड अपने नाम किया था।