
नई दिल्ली। देश के पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का निधन दिल्ली के एम्स अस्पताल में हो गया है। शनिवार दोपहर को उन्होंने 12:07 बजे आखिरी सांस ली। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे और 9 अगस्त को उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। जेटली ने 67 साल की उम्र में अंतिम सांस ली।
अरुण जेटली बीमारी की वजह से ही 2019 का लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ पाए थे। अरुण जेटली केंद्र की मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री रहे थे। राजनीतिक के अलावा जेटली खेल के क्षेत्र से भी जुड़े रहे। आपको बता दें कि अरुण जेटली 1999 से 2012 तक डीडीसीए ( Delhi & District Cricket Association ) के अध्यक्ष थे।
डीडीसीए विवाद बना था जेटली के गले की फांस
अरुण जेटली जिस वक्त वित्त मंत्री थे तो उस वक्त डीडीसीए विवाद खड़ा हुआ था, जो उनके गले की फांस बन गया था। ये विवाद काफी चर्चाओं में रहा था। इसको लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अरुण जेटली अदालत में आमने-सामने आ गए थे। डीडीसीए विवाद को लेकर अरुण जेटली ने काफी आलोचनाओं का सामना करा था। आइए आपको बताते हैं कि आखिर डीडीसीए विवाद क्या था, जिसमें अरुण जेटली फंसे थे।
क्या था डीडीसीए विवाद
दरअसल, डीडीसीए के काफी सारे सदस्य जिसमें पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी और कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया था कि एसोसिएशन के संचालन में काफी सारी अनियमितताएं सामने आईं और कई बार कुप्रबंधन की स्थिति भी सामने आई। 28 सितंबर 2012 को कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के अधीन आने वाले गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) ने एन सी बख्शी की शिकायत के आधार पर जांच शुरु की और जांच में ये सामने आया कि साल 2006 से 2012 के बीच डीडीसीए में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता के 23 उदाहरण मिले। इस समय 2006 से 2012 तक अरुण जेटली ही डीडीसीए के अध्यक्ष थे। उस जांच में पैसों की हेराफेरी, करों का भुगतान न करना, निविदा प्रक्रिया के नियमों का पालन न करना, भ्रष्ट ऑडिटर की भर्ती करना, सदस्यता के प्रबंधन में भी अनियमितता बरतना, साथ ही टिकट जैसी गड़बड़ियां सामने आई थीं।
इस विवाद से कैसे जुड़ा जेटली का नाम
डीडीसीए विवाद की जांच में 2006 से लेकर 2012 तक के बीच में कुछ गड़बड़ियां सामने आईं और इस समयसीमा में अरुण जेटली ही डीडीसीए के अध्यक्ष थे। हालांकि उन्होंने अपने उपर लगने वाले सभी आरोपों को खारिज कर दिया था। डीडीसीए के पूर्व अध्यक्ष चेतन चौहान ने भी कहा था कि जेटली ने एसोसिएशन के दिन प्रतिदिन के कामकाज में अपना कोई दखल नहीं दिया था। एक मीडिया कांफ्रेंस में इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए चौहान ने कहा कि जेटली ने फिरोज शाह कोटला मैदान के वैश्विक स्तर की सुविधाओं से लैस किया है।